शांत स्वभाव के छात्र थे
इधर, कानपुर में एटीएस और एनआईए की टीमों ने डेरा डाल दिया है। सूत्रों का कहना है कि डॉ. शाहीन से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां खोजने के लिए जांच जारी है। कानपुर मेडिकल कॉलेज से जुड़ी नई जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर आरिफ इस साल ही अनंतनाग से हृदय रोग में डीएम की पढ़ाई के लिए आए थे। कॉलेज प्रशासन और सहकर्मी डॉक्टरों के अनुसार, वह शांत स्वभाव के छात्र थे।
कई डॉक्टरों से सवाल-जवाब हुए
अपनी क्लास लेते थे और काम से काम रखते थे। उनसे पहले भी हर साल कश्मीर से छात्र यहां पढ़ने आते हैं। हालांकि, आरिफ को आए हुए महज़ पांच से छह महीने ही हुए हैं, लेकिन एटीएस की कार्रवाई के बाद पूरे मेडिकल कॉलेज और हैलट परिसर में खलबली मच गई। पुलिस और जांच एजेंसियां दिनभर कैंपस में पूछताछ करती रहीं। कई डॉक्टरों से सवाल-जवाब हुए हैं।
मेडिकल नेटवर्क पर भी टिकी हैं एजेंसियों की निगाहें
चर्चा ये भी रही कि दो से तीन अन्य रेजीडेंट डॉक्टरों को भी पूछताछ के लिए उठाया गया। इनमें से कुछ को बाद में छोड़ दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद डॉक्टरों में दहशत और चर्चा का माहौल है। फिलहाल, जांच एजेंसियां किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची हैं, लेकिन कानपुर से लेकर दिल्ली तक सुरक्षा एजेंसियों की निगाहें अब मेडिकल नेटवर्क पर भी टिकी हुई हैं।