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कानपुर देहात : नाबालिग पर एसओ ने लगाया था मिनी गुंडा एक्ट, छेड़छाड़ के आरोपी के पक्ष में समझौते का बना रहे थे दबाव

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कानपुर देहात। राजपुर क्षेत्र के एक गांव में शोहदे की हरकत से तंग आकर छात्रा के जहर खाने के मामले में एक और नया खुलासा हुआ है। छह माह पहले छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली छात्रा के नाबालिग भाई (हाईस्कूल के छात्र) पर एसओ ने खुन्नस में दो माह पहले 110 जी (मिनी गुंडाएक्ट) की कार्रवाई की थी। इससे छात्रा का भाई गांव छोड़कर माता पिता के साथ नोएडा जाने को मजबूर हो गया था।
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एक गांव में दो अप्रैल को शोहदे की हरकतों से तंग आकर छात्रा ने जहर खा लिया था। उसका हैलट में उपचार चल रहा है। छात्रा के माता पिता ने बताया कि पुलिस शुरू से ही आरोपी रामू मिश्रा के पक्ष में रही।
छह माह पहले हुई घटना में छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज करने में परेशान किया गया। जब एसपी के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी तो आरोपी पक्ष की तरफ से भी एफआईआर लिखकर दबाव बनाने की कोशिश की गई।
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पीड़ित छात्रा की मां ने बताया कि एसओ कपिल दुबे शुरू से ही समझौता के लिए परेशान करते रहे। मां ने बताया कि समझौता न करने पर एसओ ने नाबालिग बेटे हाईस्कूल के छात्र पर 26 जनवरी 2022 को 110 जी की कार्रवाई करते हुए चालानी रिपोर्ट एसडीएम कोर्ट में भेजी थी।
साथ ही रिपोर्ट में छात्र के बाबत लिखा है कि वह शातिर अपराधी है। उसका क्षेत्र में भय व्याप्त है। इस रिपोर्ट के आधार पर छात्र को एसडीएम कोर्ट से जमानत करानी पड़ी। मामले में तारीखें पड़ रही हैं। वहीं आरोपी पक्ष लगातार बेटी को परेशान करता रहा।
वह अक्सर छेड़छाड़ करता था और मुकदमे में समझौता न करने पर परिणाम भुगतने की भी धमकी देता था। एक अप्रैल की रात उसने छात्रा के पिता को फोन करके उसकी बेटी के गलत बातें कहीं। ये रिकार्डिंग सुनने के बाद छात्रा परेशान हो गई। वहीं दूसरे दिन आरोपी की ओर से छेड़छाड़ करने पर दुखी होकर जहर खा लिया। (संवाद)
ऐसी कार्रवाई किशोर के मन पर डालती बुरा असर
एसडीएम कोर्ट में हाईस्कूल के छात्र पर 110 जी की चालानी रिपोर्ट पहुंची तो वहां भी उसके नाबालिग होने की अनदेखी की गई। उसका मुचलका भरवा कर जमानत दी गई। वरिष्ठ अधिवक्ता राधेश्याम कटियार ने बताया कि नाबालिग से मुचलका भराए जाने का कोई प्रावधान नहीं है।
साथ ही नाबालिग छात्र पर सामान्यता 110 जी की कार्रवाई नहीं की जा सकती है। अभी तक ऐसा मामला उनके सामने कभी नहीं आया है। अगर नाबालिग छात्र पर 110 जी कार्रवाई की गई तो निश्चित तौर पर जिम्मेदारों की मंशा साफ नहीं रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई किशोरों के मन में बेहद बुरा असर डालती है।
मनमानी बीट रिपोर्ट लिख बना दिया गुंडा
छात्रा से छेड़छाड़ की घटना सितंबर में हुई थी। तब पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज करने में हाईस्कूल के छात्र को भी मारपीट का आरोपी बनाया था। उस पर चार्जशीट भी लगाई थी। इसके पहले उसके खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
छात्र को निर्दोष साबित करने के लिए परिजन कोर्ट में संघर्ष कर रहे रहे थे, इसी बीच एसओ ने आरोपी पक्ष की सांठगांठ से छात्र के खिलाफ मनमानी बीट रिपोर्ट लिखकर मिनी गुंडाएक्ट की कार्रवाई कर दी। अब एसओ खुद की गई कार्रवाई में फंसते दिख रहे हैं।
छात्रा के परिजनों ने नाबालिग बेटे पर 110 जी की कार्रवाई करने की जानकारी दी है। मामले में छानबीन के निर्देश सीओ सिकंदरा को दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट में एसओ दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - स्वप्रिल ममगाई, एसपी
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