पिता की डांट से दुखी होकर गजराजगंज गांव निवासी बाल भागवताचार्य ने बुधवार को घर के आंगन में लगे लोहे के जाल में धोती से फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मंगलपुर थाना क्षेत्र के गजराज गंज निवासी संजय पाल दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी रिंकी देवी बच्चों के साथ गांव में रहती हैं।पुत्री मुस्कान (17) ने कक्षा 10 की पढ़ाई पूरी की।
इसके बाद बाल अवस्था में ही भागवत प्रवचन शुरू कर दिया था। दो दिन पहले पिंकी ने पिता से खेतों में धान लगाने के लिए पैसे की मांग की थी। इस पर पिता ने मुस्कान को डांटते हुए मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था। उसकी दो रोज से पिता से बात नहीं हो पा रही थी। बुधवार को घर के लोग खेत पर धान की पौध लगाने के लिए चले गए। तभी पिंकी ने घर के आंगन में धोती से फंदा लगाकर जान दे दी। दोपहर में छोटा भाई आयुष घर आया तो दरवाजा नहीं खुला।
इस पर पड़ोसी के घर से छत पर गया तो पिंकी को फंदे से लटका देखकर रोने लगा। जानकारी पर पड़ोसी व मां भी मौके पर पहुंच गईं। अनहोनी पर मां, भाई व बहन बिलखने लगे। थाना मंगलपुर के एसएसआई सुरेश सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।