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Pradeep Murder Case: मां करती रही गुमराह, बोली- एक साल से बेटे ने नहीं की बात, बीमा पॉलिसी बन गईं गले की फांस

Fri, 31 Oct 2025 06:28 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Dehat News: बेटे प्रदीप की हत्या की साजिश में शामिल मास्टर माइंड मां ममता हत्या के बाद बाबा पर झूठे आरोप लगाकर और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रही थी। हालंकि, बीमा पॉलिसी पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बनीं, जिससे उसकी चालाकी का भंडाफोड़ हुआ।
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Pradeep Murder Case - फोटो : amar ujala
कानपुर देहात में बेटे की हत्या की साजिश में शामिल मास्टर माइंड मां घटना के बाद सगे संबंधियाें के साथ पुलिस को भी गुमराह करती रही। इधर जब प्रदीप के बाबा ने गांव के युवकों पर शक जताया तो वह यह भी कहती रही कि पड़ोसी तो उसकी मदद करते थे, वह हत्या नहीं कर सकते। यहां तक कि उसके परिजन पर ही गंभीर आरोप मढ़ दिए, मगर उसकी चालाकी ज्यादा देर तक काम न आ सकी।
पुलिस ने कड़ी से कड़ी मिलाकर उनका भंडाफोड़ कर दिया। प्रदीप की हत्या के बाद बाबा जगदीश नारायण ने गांव के मयंक, ऋषि पर शक जताया था। इसी बीच प्रदीप की मां ममता भी जा पहुंची थी। किसी को शक न हो और वह भी न फंसे इस पर लोगों के साथ पुलिस को गुमराह करना शुरू कर दिया। जब पुलिस ने मयंक व ऋषि से पूछताछ शुरू की।
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Pradeep Murder Case - फोटो : amar ujala
बेटे ने उससे बात भी नहीं की
तब ममता ने कहा कि दोनों से कोई बुराई और लड़ाई नहीं है। वह भला बेटे की हत्या क्यों करेंगे, बल्कि वह परिवार के लोगों पर ही उलटे आरोप लगा रही थी। उसने यह भी बताया था कि एक साल पहले घर पर जमीन के हिस्से को लेकर विवाद हुआ था। तभी से बेटे ने उससे बात भी नहीं की है। इधर पुलिस ने घटना में कड़ी से कड़ी जोड़ी, तो उसका भंडाफोड़ हो गया।
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Pradeep Murder Case - फोटो : amar ujala
बीमा पॉलिसी बन गईं ममता के गले की फांस
बेटे को रास्ते से हटाने व रुपयों की तंगी दूर करने के लिए ममता व उसके प्रेमी मयंक ने खूब दिमाग दौड़ाया मगर वह पुलिस को चकमा नहीं दे सके। जिन पॉलिसी के क्लेम से दोनों ने धनवान होने के सपने देख प्रदीप की हत्या कर दी, वही उनकी गले की फांस बन गई। प्रदीप की हत्या के कुछ घंटे बाद बीमा पॉलिसी की वजह से घटना को अंजाम देने की चर्चा गांव में तेज हुई तो पुलिस ने भी कान खड़े कर लिए।

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Pradeep Murder Case - फोटो : amar ujala
पुलिस का तीनों पर शक गहरा गया था
पुलिस ने बीमा अभिकर्ता से पूछताछ की तो पता चला कि दो साल में ही प्रदीप के नाम पर चार बीमा पॉलिसी करवाई गई थीं। जबकि उसके बड़े भाई कुलदीप के नाम एक भी पॉलिसी नहीं निकली। कुलदीप अपनी मां ममता के साथ ही रहता है और प्रदीप का ममता से अलगाव था। इस पर पुलिस का तीनों पर शक गहरा गया था। पुलिस पॉलिसी किए जाने की प्रक्रिया की जांच कर रही है।
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Pradeep Murder Case - फोटो : amar ujala
वारदात की रात बंद हो गया था प्रदीप का फोन
26 अक्तूबर की देर रात तक प्रदीप के घर न पहुंचने पर परिजन ने उससे संपर्क करने का प्रयास किया था मगर उसका फोन बंद था। इसपर परिजन ने गांव में खोजबीन की तो पता चला कि वह ऋषि व मयंक के साथ कार में बैठकर कहीं गया है। जानकारी होते ही प्रदीप के बाबा जगदीश नारायण ने 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना देकर अनहोनी की आशंका जताई थी।
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Pradeep Murder Case - फोटो : amar ujala
प्रदीप के पास उसका टूटा मोबाइल भी बरामद हुआ था
इस पर पीआरवी के साथ थाना पुलिस ने मौके पर जाकर छानबीन की थी। इधर गश्त कर रही पुलिस को बलहरामऊ के पास तड़के प्रदीप का शव हाईवे किनारे पड़ा मिला था। प्रदीप के पास उसका टूटा हुआ मोबाइल भी बरामद हुआ था। पुलिस ने सुबह करीब 4:45 बजे पर शव की पहचान कर घटना की जानकारी परिजन को दी थी।
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Pradeep Murder Case - फोटो : amar ujala
चार साल में उजड़ गया परिवार
बाबा जगदीश नारायण ने बताया कि चार में उनका पूरा परिवार तबाह हो गया है। वर्ष 2021 में पौत्र आशीष डेरापुर थाना पुलिस ने जेल भेजा था। वहां उनकी मौत हो गई थी। इसके कुछ समय बाद बेटे संदीप की भी मौत हो गई। इससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। इसके बाद बहू ने प्रदीप की हत्या करवा दी।
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