कानपुर देहात। मुख्य विकास अधिकारी जोगिंदर सिंह ने सभी दस ब्लाकों में जल संरक्षण की पहल शुरू की है। इसके तहत जिले में श्रमदान से सौ तालाब खोदने की रूपरेखा बनाई गई है। खंड विकास अधिकारियों को जल्द तालाबों के लिए जगह चिह्नित करने को कहा है।
गिरते भू-जल स्तर के कारण गर्मियों के मौसम मेें हर साल पेयजल की समस्या रहती है। जेठ के महीने मेें अधिकांश तालाबों में धूल उड़ती है। पशु-पक्षियों को पीने के लिए पानी तक नहीं मिल पाता है। इससे उनकी मौत तक हो जाती है। ग्रामीण भी दूरदराज के हैंडपंप से पानी लाने के लिए मजबूर होते हैं। सबसे अधिक पानी का संकट भोगनीपुर व सिकंदरा तहसील की बीहड़ पट्टी के गांवों में होता है। वहां के लोग गर्मी के मौसम मेें यमुना नदी से पानी लाते हैं। इन्हीं परेशानियों को देखते हुए अभी से जल संरक्षण की कवायद शुरू की गई है। सीडीओ ने बताया कि गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए गांवों मेें जल संरक्षण के लिए श्रमदान से सौ नए तालाबों की खुदाई कराई जाएगी। प्रति विकास खंड दस नए तालाब खोद जाएंगे। यह मनरेगा योजना से खोदे जाने वाले तालाबों के अतिरिक्त होंगे।
उन्होंने बताया कि तालाब खुदाई के लिए ग्राम पंचायतों में जगह चिह्नित करने के निर्देश सभी बीडीओ को दिए गए हैं। इसके लिए जनपद स्तर पर नोडल अधिकारी के तौर पर मलासा के एडीओ आईएसबी विमल कुमार सचान को नामित किया गया है। तालाबों की खुदाई हर हाल में 31 मार्च तक पूरी कराई जाएगी।