यमुना नदी के पीपा पुल की मरम्मत करते कर्मी। संवाद
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राजपुर। बेहमई गांव के पास जिले को जालौन से जोड़ने के लिए यमुना नदी पर बने पीपा पुल की गुरुवार को मरम्मत करा दी गई। पुल ठीक होने के बाद शुक्रवार को लोगों का आवागमन शुरू हो गया। इससे क्षेत्र के लोगों की राहत की सांस ली। पीडब्ल्यूडी के जेई ने बाढ़ की स्थिति से बचाव के लिए 15 जून को पुल खोलने की बात कही है।
यमुना नदी पर बेहमई गांव के पास गौरीरतन बांगर गांव की सीमा पर जिले को जालौन से जोड़ने के लिए पीपा का पुल बनाया गया है। इससे जालौन जाने में लोगों का 40 किमी का चक्कर बच जाता है। गुरुवार को पुल से ट्रैक्टर ट्रॉली गुजर रही थी, उसी दौरान पुल की चहली टूट गई थी। इससे पुल क्षतिग्रस्त हो गया और ट्रैक्टर ट्राली पुल के बीचों बीच फंस गई थी।
आवागमन बाधित हो गया था। बेहमई गांव के बाबूजी सिंह और जयवीर सिंह ने ग्रामीणों की मदद से क्षतिग्रस्त चहली की मरम्मत कर ट्रैक्टर ट्राली को पुल से निकाला था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के जेई को सूचना दी गई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल पर बिछाई गई लकड़ी की चहली जर्जर हो गई है। वाहनों के आवागमन के दौरान आए दिन चहली टूट जाती है, जिससे लोगों की जान खतरे में पड़ जाती है।
इधर, पीडब्ल्यूडी के जेई राधेश्याम यादव ने बताया कि यमुना नदी किनारे अक्सर बालू लदे ओवर लोड ट्रैक्टर ट्रॉली पीपा पुल से निकलते हैं। क्षमता से अधिक भार लदा होने से पुल क्षतिग्रस्त हो जाता है। पुल की मरम्मत करा दी गई है। पुल से वाहनों व ग्रामीणों का आवागमन शुरू हो गया है। बरसात से पहले 15 जून को पीपा पुल खोल दिया जाएगा, ताकि बाढ़ की स्थिति न बन सके।