रसूलाबाद। क्षेत्र के रतनपुर शुक्लन निवादा गांव में बासी खीर खाने से शनिवार को एक वृद्धा की मौत हो गई थी। जबकि 21 बीमार हो गए थे। इसमें पांच की हालत में सुधार न होने पर कानपुर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इधर, खाद्य निरीक्षक टीम के साथ रविवार को गांव पहुंचे और चावल व दूध आदि के नमूने संकलित किए।
रतनपुर शुक्लन निवादा गांव में गोविंद सिंह ने गृह प्रवेश के अवसर पर 22 अक्तूबर को कथा के बाद भंडारे का आयोजन किया था। दूसरे दिन भंडारे में बची बासी खीर परिवार के लोगों ने खा ली। इसके बाद घर के 22 लोगों की उल्टी-दस्त के बाद हालत बिगड़ गई। शनिवार सुबह बुजुर्ग शिवकुमारी ने दम तोड़ दिया था। बीमार 21 लोगों को सीएचसी रसूलाबाद में भर्ती कराया गया। वहां उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया। गांव के दीपू की बेटी सोनी, सोनम, प्रहलाद की पत्नी शीला, बेटा अमन व गांव के ध्रुव की हालत में सुधार न होने पर उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं घटना के बाद खाद्य निरीक्षक सुनील कुमार टीम के साथ रविवार को गांव पहुंचे। वहां खाए गए भोजन का कोई अवशेष ना मिलने पर जिस चावल से खीर बनाई गई थी। उसका नमूना लिया। एसडीएम अंजू वर्मा ने बताया कि जिस चावल से खीर बनाई गई थी, उसका नमूना लिया गया गया है। उसे जांच के लिए भेजा गया है।