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स्कूली बच्चों की जान के साथ हो रहा खिलवाड़

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झींझक में स्कूली बसों की जांच करते आरआई। - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। परिवहन विभाग की स्कूली वाहनों की जांच में खुलासा हुआ है कि स्कूली बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जांच में बसों की आपातकालीन खिड़की नहीं खुली। अग्निशमन यंत्र, अलार्म और जीपीएस सिस्टम लगा नहीं मिला। स्कूल संचालकों को नोटिस जारी कर एक हफ्ते में गड़बड़ी ठीक करने का मौका दिया गया है।
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डीएम राकेश कुमार सिंह ने स्कूली वाहनों की जांच के लिए एआरटीओ प्रवर्तन, यात्री कर अधिकारी और आरआई के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की थी। यह टीमें चयनित क्षेत्रों में स्कूली वाहनों की जांच कर रही है। आरआई सतेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि डेरापुर के विजय मेमोरियल पब्लिक स्कूल, रसूलाबाद के न्यू इरा पब्लिक स्कूल, गरीब नवाज एजूकेशन सेंटर, कृष्ण कुमार दुबे, आरपीएस इंटर कालेज और झींझक के एमएस कॉमेंट, मीरा देवी, शारदा शिक्षण संस्थान सहित कई स्कूलों के वाहनों की जांच की गई। इन सभी स्कूलों में कई तरह की कमियां पाई गईं। वाहनों में जीपीएस, अग्निशमन यंत्र, सीसीटीवी, बसों में अलार्म सिस्टम, आपातकालीन खिड़की को खोलने की कोई व्यवस्था नहीं मिली। अधिकारियों ने सभी स्कूलों को नोटिस जारी किया है। एआरटीओ प्रशासन मनोज कुमार वर्मा ने कहा कि डीएम के निर्देश पर जिले के स्कूली वाहनों की जांच लगातार की जा रही है। गड़बड़ी मिलने पर स्कूलों को नोटिस जारी की जा रही है।
जिले के अधिकतर स्कूलों में एक वाहन पंजीकृत है, लेकिन कई डग्गामार वाहनों से बच्चों को ढोने का काम किया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि कई वाहनों में अवैध एलपीजी गैस किट लगी हैं। उसी से बच्चों को लाने और ले जाने का काम किया जा रहा है।
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डीएम ने स्कूली वाहनों की जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया था। इसमें संबंधित बीईओ व अलग-अलग स्कूलों के प्रधानाचार्यों को भी शामिल किया था। यह लोग जांच में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जांच के दौरान परिवहन विभाग के अधिकारी ही नजर आ रहे हैं। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
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