कानपुर देहात/झींझक। जिले के परिषदीय स्कूलों में नौकरी कर रहे सात शिक्षकों के अभिलेख फर्जी पाए गए हैं। इसकी जांच एसआईटी (विशेष अनुसंधान दल) कर रही थी। बीएसए ने सभी शिक्षकों को बर्खास्त करने कर दिया है। बीईओ से सभी सात शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा है।
वर्ष 2004-2005 में फर्जी अंकपत्र व अन्य कूट रचित अभिलेख लगाकर नौकरी पाने की जांच चल रही थी। इसमें ज्यादातर शिक्षक आगरा विश्वविद्यालय से बीएड करने वाले थे। मामले की शिकायत काफी पहले हुई थी। इसकी जांच प्रदेश स्तर पर चल रही थी। इसमें जिले के सात शिक्षक भी पकड़ में आए हैं। इन शिक्षकों में रसूलाबाद ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय मलखानपुर में तैनात अशीष दुबे, प्राथमिक स्कूल खल्लापुर के अनिरूद्ध सिंह, झींझक ब्लाक के प्राथमिक स्कूल बचीतपुरवा जसू के मनोज कुमार शाक्य, उच्च प्राथमिक स्कूल के अशीष कुमार, डेरापुर के प्राथमिक स्कूल गढ़ेवा की मालती यादव, राजपुर ब्लाक के महमूदपुर बुजुर्ग में तैनात दीपा कटियार, सदंलपुर ब्लाक के किन्नर की मड़ैया में तैनात रेनू कटियार को बर्खास्त किया गया है। इनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। बीएसए सुनील दत्त ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। बीएसए ने बताया कि एसआईटी की जांच में सात शिक्षकों के अभिलेख फर्जी पाए गए हैं। इनकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई करने के साथ प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।