कानपुर देहात। चौबेपुर के मरहमत नगर में सात साल पहले हुई किसान की हत्या के मामले में कोर्ट ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि मरहमत नगर निवासी सत्येंद्र सिंह ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया था कि वह 16 फरवरी 2015 को घर के बाहर बैठा था।
इसी दौरान मरहमत नगर स्थित ननिहाल में रहने वाले औरैया के सहायल बिचौली निवासी संजय उर्फ लालू व गांव के वीरेंद्र आए और गालियां देने लगे। इस पर उसके भाई किसान महेंद्र सिंह ने रोका तो दोनों ने उन्हें गोली मार दी।
इसके बाद भतीजों व उसे भी बट मारकर घायल कर दिया। अस्पताल में चिकित्सक ने भाई को मृत घोषित कर दिया। मामले में पुलिस ने सत्येंद्र की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की थी।
इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय एफटीसी 14 वां वित्त आयोग निजेंद्र कुमार की अदालत में चल रही थी। गुरुवार को मामले में अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 43 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
विवेचकों पर कार्रवाई के लिए आईजी को भेजा पत्र
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी निजेंद्र कुमार ने अपने निर्णय में मामले के विवेचक तत्कालीन इंस्पेक्टर रामसिंह व नीरज यादव के खिलाफ सही से विवेचना नहीं करने व अदालत में गवाही व जिरह के दौरान अभियुक्तों के पक्ष में झुकाव रखने की टिप्पणी की है।
अदालत ने कहा कि मामले में तहरीर में दिए गए नाम मान सिंह के संबंध में विवेचकों ने कोई विवेचना अथवा बयान अंकित नहीं किए हैं। दोनों ही विवेचकों ने लापरवाही व उदासीनता बरती। अदालत ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस महानिरीक्षक को पत्र लिखने के साथ निर्णय व गवाही व जिरह की कापियां भेजने के आदेश दिए हैं।