वहीं, उसकी पत्नी को गंभीर हालत में हैलट ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रशेखर की अदालत में चल रही थी।
गुरुवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गोविंद को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दो वर्ष की अतिरिक्त सजा काटने के आदेश दिए हैं।
पिता थे घटना के प्रत्यक्षदर्शी गवाह
सहायक शासकीय अधिवक्ता विवेक त्रिपाठी व देवेंद्र मिश्रा ने बताया कि अभियोजन की ओर से 11 गवाह अदालत में पेश किए गए थे। इसमें स्वतंत्र साक्षी समेत वादी मुकदमा ने घटना को साबित किया। सबसे अहम गवाह घटना के प्रत्यक्षदर्शी गोविंद के पिता विक्रम सिंह थे, जिन्होंने घटना के समर्थन में अदालत में बयान दर्ज कराए थे। उन्होंने बताया था कि उनके सामने ही बेटे गोविंद ने अपनी मां और छोटे भाई की पत्नी पर बांके से हमला किया था। इससे दोनों की मौत हो गई।