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कानपुर देहात : जिला अस्पताल में संवेदनहीनता, नहीं मिला स्ट्रेचर, युवक को चादर में लपेटकर इमरजेंसी तक लाए

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स्ट्रेचर नहीं मिलने पर चादर में लपेट कर युवक को ले जाते पुलिस कर्मी। संवाद - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। स्वास्थ्य सेवाओं का चेहरा बदलने के लिए उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक लगातार प्रयास कर रहे हैं, पर जब तब जिला अस्पताल में अव्यवस्था और संवेदनहीनता दर्शाने वाली तस्वीर सामने आ जाती है।
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ताजा मामला शुक्रवार को सामने आया। यहां कर्मचारियों की ओर से स्ट्रेचर नहीं उपलब्ध कराने पर पुलिस कर्मी फंदा लगाने वाले युवक को चादर में लपेट कर इमरजेंसी वार्ड तक ले गए।
वहां भी पुलिसकर्मी करीब पांच मिनट तक युवक को उसी हाल में लेकर इंतजार करते रहे पर स्ट्रेचर नहीं मिला। चिकित्सक ने परीक्षण के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया।
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अकबरपुर के शंकर दयाल नगर निवासी वीरेंद्र शुक्ला का पुत्र विवेक (20) प्राइवेट नौकरी करता था। विवेक ने पारिवारिक कलह के चलते शुक्रवार की सुबह घर में ही एक कमरे रस्सी के सहारे धन्नी से फंदा लगा लिया।
जानकारी पर परिजनों ने उसे फंदे से उतारा और पुलिस को सूचना दी। पीआरवी टीम मौके पर पहुंची और उसमें तैनात सिपाही महेंद्र कुमार व प्रेम सिंह विवेक को फौरन जिला अस्पताल ले गए। वहां सिपाहियों ने एक कर्मचारी से विवेक की हालत बताकर स्ट्रेचर लाने को कहा।
करीब पांच मिनट तक इंतजार के बाद भी स्ट्रेचर व कर्मचारी के नहीं पहुंचने पर पुलिसकर्मी विवेक को चादर में लपेटकर इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचे। वहां भी वह विवेक को लेकर खड़े रहे पर स्ट्रेचर नहीं मिला। जानकारी पर कुछ देर बाद डॉ. पवन पार्या ने विवेक की जांच की तो वह मृत मिला।
राज्यमंत्री व सीडीओ की आवभगत में जुटे थे डॉक्टर व कर्मचारी
जिस दौरान पुलिसकर्मी विवेक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, उस दौरान राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला और सीडीओ सौम्या पांडेय भी वहां मौजूद थीं। मंत्री और सीडीओ अस्पताल परिसर में स्थित ब्लड बैंक आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन व संचारी रोग अभियान की रैली को हरी झंड़ी दिखाने पहुंची थीं। अस्पताल के अधिकांश अफसर, डॉक्टर व कर्मचारी मंत्री व सीडीओ की आवभगत में लगे थे, किसी ने पुलिस कर्मियों व विवेक की तरफ ध्यान नहीं दिया।
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युवक को स्ट्रेचर नहीं मिलने की जानकारी नहीं है। जांच कराने के साथ दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल
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