रसूलाबाद (कानपुर देहात)। पहाड़ीपुर गांव के पास रसूलाबाद-कानपुर रोड पर रोडवेज बस की टक्कर से गुरुवार को चाचा भतीजे की मौत के बाद घायल विवाहिता ने भी शुक्रवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
रसूलाबाद के उसरी गांव निवासी रामकुमार संखवार का छोटा बेटा योगेंद्र (18) भाभी प्रीति (20) को लेकर बाइक से भैया दूज पर उनके मायके कुढ़वा मैथा जा रहा था। साथ में प्रीति का छह माह का बेटा रितिक भी था।
परिजनों के मुताबिक रास्ते में योगेंद्र के चचेरे भाई छम्मीलाल का इकलौता बेटा अमन (18) भी उन लोगों के साथ चल दिया। पहाड़ीपुर गांव के पास एक डिग्री कॉलेज के सामने ट्रक को ओवरटेक करते समय कानपुर से बेला औरैया जा रही रोडवेज बस ने बाइक में टक्कर मार दी थी।
इससे बाइक समेत सभी लोग खड्ड में जा गिरे थे। हादसे में योगेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, भतीजे अमन की कानपुर के हैलट अस्पताल में मौत हो गई थी। उपचार के दौरान शुक्रवार की सुबह हैलट में घायल प्रीति ने भी दम तोड़ दिया।
हादसे में प्रीति के बेटे रितिक को खरोंच तक नहीं आई थी। थाना प्रभारी अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि परिजनों की तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। फिलहाल बस को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी गई है।
थाने के पास बस छोड़कर भागा था चालक
हादसे के वक्त बस पर करीब 50 यात्री सवार थे। यात्रियों ने मौके पर पहुंची पुलिस को बताया कि चालक तेज रफ्तार से बस चला रहा था। उसी दौरान हादसा हो गया। इसके बाद चालक मौके से बस लेकर भाग निकला। रसूलाबाद थाने के पास स्थित पेट्रोल पंप के सामने वह बस छोड़कर भाग गया। पुलिस ने यात्रियों को दूसरे साधनों से गंतव्य तक भेजा और बस को कब्जे में ले लिया।
गांव पहुंचे तीन शव, परिजनों में मचा कोहराम
रसूलाबाद। रोडवेज बस की टक्कर से जान गंवाने वाले तीनों लोगों के शव पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार रात उसरी गांव पहुंचे, तो चीख पुकार मच गई। परिवार के लोग दहाड़े मार कर रो पड़े। रिश्तेदार दुखी परिजनों को सांत्वना देने में लगे रहे। इधर, हिंदू रीति के मुताबिक सूर्यास्त होने पर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। शनिवार को देवर, भाभी व भतीजे के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। हादसे का शिकार हुए योगेंद्र के शव का माती में पोस्टमार्टम हुआ। इधर, कानपुर नगर के हैलट अस्पताल में प्रीति व अमन की मौत हुई थी। इसलिए दोनों का पोस्टमार्टम कानपुर में ही हुआ।