सिकंदरा। गुरदही बुजुर्ग डेरा गांव में गुरुवार को बिजली आपूर्ति शुरू होने के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से एक कच्चे मकान और झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और परिवार के पांच और लोगों की झोपड़ी धू-धू कर जलने लगीं।
सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से तीन घंटे में आग पर काबू पाया। तब तक आग से जलकर दो बकरियों की मौत हो गई। एक झुलस गई। छह घरों में रखी 1.44 लाख रुपये की नकदी व गृहस्थी का पूरा जलकर राख हो गया।
गुरदही बुजुर्ग डेरा गांव में मलखान सिंह और उसके चार बेटे व रिश्ते का भतीजा एक जगह पर ही झोपड़ी बनाकर परिवार के साथ रहते हैं। सभी लोग खेती के साथ ही फेरी लगाकर हींग, कपड़े और रंग बेचने का काम करते हैं।
गुरुवार की सुबह करीब 8:30 बजे बिजली आपूर्ति शुरू होने के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से मलखान के घर में अचानक आग लग गई। हवा के झोंके के साथ लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया।
इससे मलखान के बेटों विनोद सिंह, संजय सिंह, साहिब व सुनील और भतीजे रामगोपाल के झोपड़ी भी धू-धू कर जल उठीं। लपटों को देख ग्रामीणों ने एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए।
इसी बीच सूचना पाकर सिकंदरा और डेरापुर फायर स्टेशन से एक-एक दमकल वाहन के साथ कर्मचारी मौके पर पहुंचे। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका।
तब तक मलखान के छप्पर के नीचे बंधी दो बकरियों की मौत हो गई व एक झुलस गई। इसके अलावा घर में रखे 65 हजार रुपये, विनोद सिंह के घर में 45 हजार रुपये, साहिब सिंह के घर में 18 हजार रुपये , सुशील सिंह के घर में 16 हजार रुपये नकद जल गए।
इसके सभी की गृहस्थी का सारा सामान व अनाज, कपड़े आदि जल गए। आग से छह घर जलने की सूचना पर एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा ने स्थानीय कोटेदार को अनाज मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पीड़ित परिवारों को सरकारी योजना के तहत आवास दिलाने के लिए उनसे दस्तावेज भी मांगे हैं। एसडीएम का कहना है कि पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद की जाएगी।