डेरापुर। सिठमरा नहर पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण दो साल से आवागमन बंद है। इससे कई गांवों के लोगों को 10 किलोमीटर का चक्कर लगा सिठमरा बाजार आना-जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की परेशानी को देख भाकियू के कार्यकर्ताओं ने पिछले दिनों पुल का नवनिर्माण कराए जाने की मांग को लेकर तहसील गेट पर धरना दिया था। अब मामले में इटावा सांसद डा. रामशंकर कठेरिया ने जलशक्ति एवं सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को पत्र भेजकर पुल निर्माण कराने की मांग की है।
रुरा-झींझक नहर मार्ग पर सिठमरा गांव से रसूलाबाद, शिवली, बनीपारा, कहिजरी समेत कई स्थानों पर जाने के लिए नहर पर पुल बना है। यह पुल दो वर्ष से क्षतिग्रस्त है। सिंचाई खंड कार्यालय दिबियापुर औरैया के अधिकारियों ने हादसे की आशंका जताते हुए पुल पर दीवार बनाकर आवागमन बंद कर दिया था।
इससे 50 से ज्यादा गांव के लोगों को सिठमरा बाजार आने-जाने के लिए 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। वहीं, सिठमरा गांव के किसानों के खेत नहर के दूसरे किनारे पर हैं।
इसलिए उनको अपने खेतों तक कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर व अन्य सामान ले जाने के लिए भी लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। जसू, भरतू, जिनई, बनीपारा, सिंहपुर, बनीपारा महाराज, बाचपेई पुरवा, देवकीपुरवा, बनीपारा डगराहा, बनीपारा जोहर, मझपटिया समेत लगभग 15 गांवों की तहसील डेरापुर है।
इन गांवों के लोग इसी नहर पुल से डेरापुर आते जाते थे, लेकिन पुल बंद होने से अब इन्हें रूरा या झींझक से होकर डेरापुर जाना पड़ रहा है। इससे समय के साथ आर्थिक नुकसान हो रहा है।
इटावा लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया के प्रतिनिधि पूर्व ब्लॉक प्रमुख अरविंद कठेरिया ने पुल के निर्माण के संबंध में डीएम व सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड दिबियापुर औरैया से बातकर समस्या के निदान की मांग की।
अब सांसद ने भी सिंचाई मंत्री को पत्र भेजा है। उनके प्रतिनिधि ने बताया कि सांसद डॉ. राम शंकर कठेरिया ने सिठमरा नहर पुल के नवनिर्माण के लिए प्रदेश के जलशक्ति एवं सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से बात करने के साथ ही उन्हें पुल के निर्माण के लिए पत्र भेजा है।