कानपुर देहात। कन्नौज की घटना को लेकर अब अधिवक्ताओं ने भी धरना शुरू कर दिया है। अकबरपुर तहसील में एक ही बरामदे में लेखपालों व अधिवक्ताओं ने धरना दिया और नारेबाजी की। इसके बाद एसडीएम के माध्यम से पांच सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
अकबरपुर में धरने को संबोधित करते हुए अध्यक्ष दिलीप यादव ने कहा कि कन्नौज में अधिवक्ताओं पर फर्जी तरीके से रिपोर्ट दर्ज की गई है। जिसे वापस लिया जाए। लेखपालों पर कार्रवाई की जाए।
अधिवक्ताओं ने लेखपालों की आय व श्रोत की जांच किसी एजेंसी से कराने की मांग की। लेखपालों की मदद कर रहे तहसील प्रशासन की निंदा की। इस मौके पर गिरजेश त्रिपाठी, समरजीत गुप्ता, राजकुमार कुशवाहा, जितेंद्र आदि मौजूद रहे। शिवली प्रतिनिधि के अनुसार मैथा तहसील में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुधीर सिंह भदौरिया के नेतृत्व धरना दिया गया। अधिवक्ताओं ने लेखपालों पर कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर भूपेंद्र सिंह, अंकित सिंह, आरआर चंद्रा, देवेंद त्रिपाठी, प्रमोद कुमार, शोभा, कुलदीप यादव आदि मौजूद रहे।
डेरापुर प्रतिनिधि के अनुसार कन्नौज में लेखपालों से हुए विवाद एवं घाटमपुर कानपुर नगर के अधिवक्ता सतेंद्र सिंह के हत्यारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर तीसरे दिन कार्य से विरत रहे। अधिवक्ता केके तिवारी ने बताया कि कार्य से विरत रहकर शासन से अपनी मांग जारी रखेंगे। हालांकि बारिश के कारण धरने के दौरान अधिवक्ताओं की संख्या कम रही। इस मौके पर सौरभ चौबे, अनिल शुक्ला, महावीर सिंह, चंद्रप्रकाश आदि मौजूद रहे। सिकंदरा में भी अधिवक्ताओं ने धरना दिया। रसूलाबाद में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर से आजाद चौक तक मार्च निकाला। इसके बाद वापस अधिवक्ता भवन पहुंच कर हड़ताल की घोषणा की। इस मौके पर संतोष सिंह गौर, बलराम सिंह, सुशील शुक्ला, भीष्म्रप्रताप पाल, सुमित गौतम, केके गौतम आदि मौजदू रहे।