कानपुर देहात। देवराहट थाना क्षेत्र के सेल्हूपुर गांव में पिता और पुत्र ने गांव की ही दो महिलाओं को पीट दिया था। यह महिलाएं देवरानी और जेठानी थी। घटना के पांच साल बाद अदालत ने बेटे को तीन साल व पिता को छह माह कैद की सजा सुनाई है। बेटे पर पांच हजार और पिता पर पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि पीड़िताओं को क्षतिपूर्ति में देने के आदेश दिए हैं।
सेल्हूपुर गांव की रामकली ने गांव के ही रामस्वरुप उर्फ वर्मा और उनके बेटे सुनील पर 18 जुलाई 2015 को मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि वह गोबर डालकर लौट रही थी। तभी सुनील व रामस्वरुप ने दरवाजे के सामने रोककर पीटना शुरू कर दिया। बचाने आई देवरानी लक्ष्मी देवी को पीटकर घायल कर दिया।
मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश नवम शैलेंद्र कुमार वर्मा की अदालत में चल रही थी। अदालत ने घटना में सुनील को गंभीर चोट पहुंचाने को दोषी मानते हुए तीन वर्ष कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। उसके पिता को छह माह का कारावास और पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रशांत मिश्रा ने बताया कि अर्थदंड की धनराशि दो हिस्सों में बांटकर पीड़िता रामकली व लक्ष्मी देवी को दी जाएगी।