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अब हर जाति के अपराध पीड़ित को मिलेगी आर्थिक सहायता

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कानपुर देहात। अब अपराध पीड़ित किसी भी जाति का हो, उसे सरकार की ओर से आर्थिक सहायता मदद देगी। इसके लिए पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स ने ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों का विवरण जुटाकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अभी तक अनुसूचित जाति व जन जाति के लोगों को ही आर्थिक सहायता दी जाती थी। लेकिन इसका लाभ सभी को मिलेगा।
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रविवार को एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि अपराध से पीड़ित परिवार व उसके आश्रित को सरकार ने क्षतिपूर्ति दिए जाने का दायरा बढ़ा दिया है। पिछड़ा वर्ग, सामान्य जातियों के पीड़ित परिवारों को भी शासन की ओर से निर्धारित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। अपराध के 48 घंटे में पीड़ित को रिपोर्ट दर्ज करानी होगी। इसके बाद संबंधित थानाध्यक्ष उसका विवरण जुटाकर आर्थिक सहायता के लिए भेजेंगे। बलात्कार मामले में तीन लाख रुपये की सहायता मिलेगी। सबसे अधिक पांच लाख रुपये सहायता राशि तेजाब हमले में मौत होने वाले पीड़ित परिवार को मिलेगी। मारपीट कर गंभीर रुप से घायल करने व लूट के मामले में एक लाख रुपये, गैर कमाने वाले सदस्य की मौत पर डेढ़ लाख व कमाने वाले सदस्य की मौत पर दो लाख रुपये की सहायता दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
बताया कि आपराधिक घटनाओं में 80 फीसदी तक विकलांग होने पर दो लाख रुपये की मदद मिलेगी। पॉक्सो एक्ट के मामलों में दो लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। खास बात यह है कि यदि आपराधिक घटनाओं में अपराधी की शिनाख्त नहीं भी हो पाती है, और पीड़ित की शिनाख्त है तो उसे मदद दी जाएगी। बताया कि सभी थानाध्यक्षों को ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों का बैंक खाता नंबर समेत सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मुफ्त इलाज की भी है सुविधा
अपराध की संवेदनशीलता व पीड़ित को विशेष आवश्यकता के आधार पर 25 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की अंतरिम सहायता, उपचार एवं देखभाल के लिए भी दी जा सकती है। मुफ्त चिकित्सा की सुविधा भी पीड़ित के लिए है। इसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेश पर संबंधित थानाध्यक्ष व मजिस्ट्रेट की ओर से प्रमाण पत्र जारी किया गया हो।
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