कानपुर देहात। मूसानगर में किसान कृष्ण मुरारी दुबे हत्याकांड को गैर इरादन हत्या में दर्ज किए जाने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों का बुधवार को गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने पहले एसपी दफ्तर का घेराव किया। मामले में गैर इरादन हत्या को हत्या की धारा में तरमीम किए जाने की मांग एसपी से की। एसपी के जवाब से असंतुष्ट दो सौ से ज्यादा लोग निजी वाहनों से अकबरपुर स्थित हिंदी भवन में पहुंचे। वहां राज्यमंत्री अजीत पाल को घेर लिया। उन्हें मांगपत्र सौंपा। राज्यमंत्री के एसपी से बात कर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा देने के बाद आक्रोशित लोग वहां से चले गए।
मूसानगर के लेवामऊ गांव निवासी कृष्ण मुरारी को आठ सितंबर को नहोली गांव गजनेर के बाबू उर्फ सुधीर, गिरजाशंकर, ऋषि शुक्ला और शिवा ने लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया था। बाद में इलाज के दौरान कृष्ण मुरारी की अस्पताल में मौत हो गई थी। गजनेर थाना पुलिस ने कृष्ण मुरारी की पत्नी अनीता देवी की तहरीर पर मारपीट, धमकी और गंभीर रूप से चोट पहुंचाने की धारा में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। कृष्ण मुरारी के मौत के बाद एफआईआर को गैर इरादन हत्या में तरमीम कर दिया। अनीता का आरोप है कि आरोपियों ने साजिश के तहत उसके पति की हत्या की। गजनेर थाना प्रभारी ने एफआईआर में खेल किया।
हत्या की जगह गैरइरादतन हत्या में रिपोर्ट दर्ज की। इसी बात को लेकर अनीता अपने बच्चों लविश, रानू के साथ ही परिवार और दो से ज्यादा गांव वालों के साथ ट्रैक्टर व अन्य सवारी वाहनों से बुधवार की सुबह माती स्थित एसपी दफ्तर पहुंची। वहां ग्रामीणों ने गजनेर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद एसपी को ज्ञापन देकर एफआईआर को गैर इरादन हत्या से हत्या में तरमीम कराए जाने की मांग की। एसपी के आश्वासन से असंतुष्ट भीड़ वहां से सीधे अकबरपुर स्थित हिंदी भवन पहुंच गई। वहां पंड़ित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने आए राज्यमंत्री अजीत पाल का घेराव किया।