अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। पुखरायां से दो साल पहले गायब हुए किशोर सुदीप शर्मा को पुलिस अभी तक कश्मीर से तलाश कर नहीं ला सकी है। किशोर का मोबाइल पंथा चौक बारामूला स्थित होटल अलतरिम के कथित मैनेजर मंजूर अहमद के पास मिला था। मोबाइल का इस्तेमाल संदिग्ध व्यक्ति यासीन भट बारामूला के नाम से किया जाता रहा। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू होने के कारण पुलिस मंजूर अहमद को पूछताछ के लिए उत्तर प्रदेश नहीं ला सकी थी। अब अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद किशोर के परिवार में बेटे की तलाश आगे बढ़ने की आश जगी है। परिवार ने केंद्रीय गृह मंत्री से बेटे को ढूंढने में मदद की गुहार लगाई है। एसपी अनुराग वत्स को पूरी घटना बताई गई है। एसपी ने किशोर को ढूंढने में मदद का भरोसा दिया है।
पुखरायां के अब्दुल कलाम नगर निवासी दिव्यांग उदय सिंह की कस्बे में पुस्तकों की दुकान है। उदय सिंह ने बताया कि उनका 13 साल का बेटा सुदीप शर्मा 15 जून 2017 को साथ पढ़ने वाले गेंदालाल के पुत्र जय कुमार के साथ घर से निकला था। दोनों लोगों का पैतृक गांव नेरा कृपालपुर है। 15 जून को वह गांव गया था। जय कुमार की मां गुड्डी देवी ने सुदीप को बहलाकर घर से एटीएम कार्ड मंगा लिया। एटीएम का चालू खाता होने के कारण उससे दो दिन में दो-दो बार में एक लाख नब्बे हजार रुपये निकाल लिए। मैसेज मिलने पर वह पुखरायां आया तो उसका बेटा ही गायब था। तलाश करने पर दोनों के झांसी में होने की जानकारी मिली। वह पुखरायां की दुकान से मोबाइल खरीद कर ले गए थे। 16 जून को जय कुमार घर वापस आ गया। उसने बताया कि सुदीप नहीं आया है। इसकी सूचना पुलिस को देने पर पुलिस ने जय कुमार की मां गुड्डी देवी से 45060 रुपये बरामद किए। 17 जून को रिपोर्ट लिखाने पर पुलिस ने गुड्डी देवी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सुदीप की तलाश नहीं हुई। वह अफसरों के कार्यालयों के चक्कर लगाता रहा। दुकान से खरीदे गए मोबाइल का ईएमआई नंबर लिया गया। उसके आधार पर लोकेशन देखी गई। 20 जून से 26 जून 2017 तक सुदीप की लोकेशन जम्मू कश्मीर बारामूला के पंथा चौक की मिली।
अफसरों के कहने पर भोगनीपुर पुलिस उदय सिंह को लेकर कश्मीर में लोकेशन वाले पते पर पहुंची। पंथा चौक पुलिस ने होटल अलतरिम के मैनेजर मंजूर अहमद से मिलवाया। उसके पास सुदीप का मोबाइल मिला। मोबाइल के सभी मैसेज डिलीट कर दिए गए थे। मोबाइल में यासीन भट के नाम के सिम का प्रयोग किया जा रहा था। उसकी फोटो भी मोबाइल में मिली। उसके संबंध आतंकवादियों से बताए गए। मंजूर अहमद ने बताया कि सुदीप को उसने बटमालू से जम्मू जाने वाली बस में बैठा दिया था। उसने बस चालक राशिद का नाम और मोबाइल नंबर दिया। बात करने पर बस चालक ने बताया कि वह बटमालू और जम्मू के बीच बस चलाता है। भोगनीपुर पुलिस ने मंजूर अहमद को पूछताछ के लिए उत्तर प्रदेश ले जाने को कहा तो कश्मीर के पंथा चौक थाने की पुलिस ने उसे अनुच्छेद 370 लागू होने की बात कहते हुए इनकार कर दिया। अब अनुच्छेद 370 हट जाने से उसे बेटे का सुराग लगने की आश जगी है। वह केंद्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी जम्मू कश्मीर, यूपी समेत सभी पुलिस के अधिकारियों से फरियाद कर चुका है। कानपुर देहात एसपी अनुराग वत्स से तथ्यों के साथ फरियाद की है। उन्होंने सहयोग का आश्वासन दिया है। सांसद भानुप्रताप सिंह वर्मा, विधायक महेश त्रिवेदी, विनोद कटियार ने भी पैरवी की है।
सुदीप के परिजन मिले थे। मामला दो साल पुराना है। फिर भी पुलिस की एक टीम को सुदीप का पता लगाने का टास्क दिया है। जल्द ही एक टीम सुदीप को खोजने के लिए जम्मू और श्रीनगर भेजी जाएगी।
- अनुराग वत्स, एसपी