अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। माती, जिला कारागार से एसीजेएम की अदालत में पेशी से पहले एक बंदी ने ब्लेड से गला काटकर जान देने का प्रयास किया। इससे कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मी तत्काल उसे जिला अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी छुट्टी कर दी गई। बंदी मुरादाबाद जिले का रहने वाला है। चार माह से गोवध निवारण अधिनियम के मुकदमे में जेल में है।
मुरादाबाद जिले के लाल मस्जिद रोड निवासी सलीम को चार माह पहले बिल्हौर पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे जेल भेज दिया था। मंगलवार को एसीजेएम विजय कुमार की अदालत में उसकी पेशी थी। जिला कारागार से उसे दरोगा सत्य प्रकाश वर्मा, सिपाही आरएल वर्मा कोर्ट लेकर आए थे। कोर्ट परिसर में उसने मौका पाकर ब्लेड से गर्दन काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की।
मौजूद सिपाही पहले तो यह समझते रहे कि वह पसीना पोछ रहा है लेकिन जब खून निकलते देखा तो सिपाहियों के होश उड़ गए। तत्काल उसे पकड़ कर देखा तो उसके पास एक ब्लेड मिला। पुलिसकर्मी उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। इसके बाद पुलिस कर्मी उसे लेकर चले गए। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान बंदी ने बताया कि उसके बच्चे छोटे हैं। घर में कोई पैरवी करने वाला नहीं है। उससे कोई जेल में मुलाकात करने नहीं आता है। इससे परेशान होकर उसने आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिसकर्मी इस सवाल का जवाब नहीं दे सके कि अदालत के अंदर बंदी के पास ब्लेड कैसे आया।