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पौत्र ने बाबा को मार डाला, चाची को किया जख्मी

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रसूलाबाद(कानपुर देहात)। रजपुरवा गांव में सोमवार रात नशेबाज युवक ने मामूली विवाद में साथी के साथ मिलकर बाबा देवी शंकर पाल (75) की बल्ली से पीटकर हत्या कर दी। चाची अरुणा को घायल कर दिया। सीएचसी में देवी शंकर को मरा घोषित करने के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
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देवी शंकर की गांव में ही चाय-समोसा की दुकान है। देवी शंकर की बहू अरुणा ने बताया कि सोमवार रात वह ससुर देवी शंकर के साथ दुकान पर थी। तभी देवी शंकर के भतीजे सुरेंद्र पाल का बेटा रवींद्र पाल साथी शकील के साथ शराब के नशे में दुकान पर पहुंचा। रवींद्र ने समोसा मांगा। उसने बिना पैसे दिए समोसा देने से इनकार कर दिया। इस पर दोनों गालियां बकने लगे। विरोध पर दोनों ने बदसलूकी शुरू कर दी। इसके बाद पास पड़ी बल्ली उठाकर उसे पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर पहुंचे ससुर देवी शंकर ने बीच-बचाव का प्रयास किया। इस पर रवींद्र और शकील ने बल्ली से उन्हें जमकर पीटा। इससे वह अचेत होकर गिर गए। राहगीर और आसपास के लोगों की भीड़ जुटती देख दोनों मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घायल अरुणा और देवी शंकर को सीएचसी में भर्ती कराया। अस्पताल में देवी शंकर ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने अरुणा को इलाज के बाद घर भेज दिया। पुलिस ने देवी शंकर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
देवी शंकर की मौत से नाराज परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर सीएचसी में हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि सोमवार रात देवी शंकर को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने समय से उनका इलाज नहीं किया। इससे देवी शंकर की जान चली गई। डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि रात में देवी शंकर से ज्यादा गंभीर हालत में कुछ मरीज आ गए थे। उनका प्राथमिकता पर इलाज किया गया। इसी कारण देवी शंकर का इलाज शुरू करने में कुछ देर हुई थी।
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देवी शंकर की हत्या के पीछे पांच रुपये का विवाद सामने आया है। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला हैं कि रवींद्र और शकील नशे की हालत में देवी शंकर की दुकान पर गए थे। रवींद्र ने चाची अरुणा से समोसा मांगा। अरुणा ने समोसे के पांच रुपये मांगे। रुपये न देने पर अरुणा ने समोसा देने के मना कर दिया। इसी बात पर गाली-गलौज करते हुए रवींद्र और शकील ने अरुणा की पिटाई शुरू कर दी। देवी शंकर बीत-बचाव करने पहुंचे तो उन्हें पीट दिया था।
देवी शंकर की मौत की खबर सुनते ही बेटा वीरेंद्र और बहू अरुण देवी बिलख पड़े। दोनों की हालत देख अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। रिश्तेदारों और गांव वालों ने दुखी बेटा-बहू को ढांढस बंधाकर शांत कराया।
झगड़े की सूचना पाकर यूपी-100 की 4139 बाइक से सिपाही पहुंचे। सिपाही बिना समय गवाएं देवी शंकर को बाइक से अस्पताल ले गए। इसके बाद भी देवी शंकर की जान नहीं बच सकी। घायल अरुणा उनके पीछे दूसरे वाहन से अस्पताल पहुंची थी।
थाना प्रभारी रसूलाबाद तुलसीराम पांडेय ने बताया कि मारपीट और गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। रवींद्र और शकील को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुधवार को अभियुक्तों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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