कानपुर देहात। कोरोना का इलाज कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों को देने के लिए अधिकृत की गई मलेरियारोधी हाइड्रोक्सीक्लोक्विन दवा की 750 गोलियां मेडिकल कारपोरेशन से जिले में भेजी गई हैं। पिछले दिनों शासन ने पुराने स्टाक की 20 हजार गोलियां वापस मंगा ली थीं। इस कारण जिले में सिर्फ दो हजार गोलियों का ही स्टाक बचा था।
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा गठित नेशनल टास्क फोर्स ने कोविड-19 के हाईरिस्क मामलों में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा की संस्तुति की है। हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के इस्तेमाल को लेकर एडवाइजरी भी जारी की गई है। इसके अनुसार लोगों को कोरोना की आशंका के आधार पर इस दवा के सेवन से बचने की हिदायत दी गई है। कहा गया है कि केवल हाईरिस्क में काम करने वाले लोगों को ही यह दवा दी जाए।
जिला संक्रामक रोग नोडल व डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी वर्मा ने बताया कि मेडिकल कारपोरेशन की ओर से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की 750 गोलियां भेजी गई हैं। उन्हें गजनेर सीएचसी में बनाए गए नोडल आइसोलेशन सेंटर पर भेजा गया है।