सरवनखेड़ा (कानपुर देहात)। क्षेत्र के कई गांवों में मवेशियों में लंपी वायरस का प्रकोप दिख रहा है। शुक्रवार को सरवनखेड़ा में लंपी से पीड़ित एक मवेशी की मौत हो गई। बीमारी का प्रकोप बढ़ने को लेकर पशुपालक चिंतित हैं। जिले में अब तक वायरस से कई मवेशियों की मौत हो चुकी है।
सरवनखेड़ा गांव निवासी एक व्यक्ति के मवेशी को एक सप्ताह पहले शरीर में गांठें उभर आयी थीं। पशुपालक ने मवेशी का इलाज कराया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। इस पर पशुपालक ने उसको छुट्टा कर दिया। लंपी ग्रस्त मवेशी की शुक्रवार को आबादी के बीच मौत हो गई।
सरवनखेड़ा गांव निवासी सुुशील बाजपेई ने बताया कि गांव में छुट्टा घूम रहे कई मवेशियों में वायरस के लक्षण दिख रहे हैं। आरोप लगाया कि पशुपालन विभाग के अफसर अनदेखी कर रहे हैं। क्षेत्र के करसा, सिकंदरपुर, गजनेर में भी लंपी ने दस्तक दे दी है।
सरवनखेड़ा पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अंकुर प्रियदर्शी ने बताया कि जानकारी मिलने पर लंपी से ग्रसित पशुओं का इलाज किया जा रहा है। सरवनखेड़ा में मवेशी की मौत की जानकारी किसी ने नहीं दी है। जानकारी कराई जा रही है।
अफसरों का दावा अब तक तीन मवेशी की ही मौत
जिले के राजपुर, सिकंदरा, शिवली समेत कई इलाकों में लंपी वायरस से कई मवेशियों की मौत की बात सामने आ चुकी है। लेकिन पशु चिकित्सा विभाग सब कुछ नियंत्रण में होने का दावा कर रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. देवकी नंदन लवानिया ने बताया कि जिले में अभी तक कुल तीन मवेशियों की लंपी वायरस से मौत हुई है। 380 मवेशी लंपी वायरस से चपेट में आए। इसमें करीब 300 स्वस्थ हो चुके हैं। उनका कहना है कि ठंड का मौसम आ गया। अब जल्द ही लंपी वायरस भी समाप्त हो जाएगा।