कानपुर। दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन पर कानपुर देहात की झींझक और रूरा क्रासिंग पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की राह में आ रही अड़चनों को दूर कराने की कवायद ने तेजी पकड़ ली है। सेतु निगम के अधिकारियों ने इन अड़चनों को दूर कराने के लिए कमिश्नर डॉ. सुधीर एम. बोबडे से अनुरोध किया था। इस पर कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई विभागीय बैठक में अड़चनों को दूर करने के संबंध में चर्चा हुई थी। इसके आधार पर विभागों को कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
सेतु निगम के अधिकारियों ने कानपुर देहात के सिकंदराबाद-झींझक-रसूलाबाद रोड पर झींझक रेलवे स्टेशन के पास प्रस्तावित आरओबी की समस्याओं को कमिश्नर के सामने रखा। इनमें मुख्य रूप से विद्युत और संचार की लाइनों को शिफ्ट करने का मामला उठा। इस पर विद्युत विभाग के अधिकारियों ने लाइनों को शिफ्ट करने के लिए 57.76 लाख रुपये की मांग की गई। सेतु निगम के अधिकारियों ने इसे बहुत ज्यादा बताते हुए नए सिरे से इस्टीमेट बनाने के लिए कहा।
बीएसएनएल ने आरओबी की राह में आ रहीं टेलीफोन की लाइनों को शिफ्ट करने के लिए 36.60 लाख रुपये मांगे। इस पर सेतु निगम के अधिकारियों ने कहा कि पीडब्ल्यूडी की ओर से बीएसएनएल को लाइनें बिछाने की अनुमति इस शर्त पर दो जाती है कि यदि सड़क चौड़ी करनी पड़ी तो बीएसएनएल अपने खर्च पर लाइनें शिफ्ट कराएगा। आरओबी निर्माण पर भी यही फार्मूला लागू होना चाहिए। कमिश्नर ने इस बिंदु के आधार पर बीएसएनएल को प्रस्ताव देने के निर्देश दिए।
आरओबी की राह में आ रहे पेड़ों को काटने और नए पेड़ लगाने के लिए वन विभाग ने दो लाख रुपये मांगे गए। कमिश्नर ने इस पर सहमति देते हुए सेतु निगम को बजट मिलते ही वन विभाग को भुगतान के निर्देश दिए। इसके अलावा पानी-सीवर की लाइनों की शिफ्टिंग के लिए जल निगम को इस्टीमेट देने के निर्देश दिए गए हैं।
रूरा रेलवे स्टेशन के पास प्रस्तावित आरओबी के एलाइनमेंट में आ रहे पशु चिकित्सालय व प्राथमिक विद्यालय का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) न मिलने पर भी चर्चा हुई। सेतु निगम के अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल और विद्यालय में सिर्फ पुल का पिलर आएगा। इमारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। इस पर प्रमुख चिकित्साधिकारी ने एनओसी देने पर सहमति जताई। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने परिषद को प्रस्ताव भेजने की बात कही।
रूरा में आरओबी निर्माण के दौरान यातायात डायवर्जन पर भी मंथन हुआ। सेतु निगम के महाप्रबंधक राकेश सिंह ने कहा कि आरओबी का निर्माण सघन आबादी और अकबरपुर-रूरा- शिवली रोड पर होना है। इस पर स्थानीय यातायात के साथ ही ट्रकों का भी आवागमन होता है। निर्माण के दौरान यातायात को अकबरपुर-शिवली से नियंत्रित कराना होगा। इस पर कमिश्नर ने कहा कि सेतु निगम, पीडब्ल्यूडी व जिला प्रशासन मिलकर डायवर्जन की योजना तैयार करेंगे।