कानपुर देहात। अयोध्या शोध संस्थान सांस्कृतिक विभाग उत्तर प्रदेश की ओर से रामलीला कलाकारों की खोज शुरू की गई है। रामायण कल्चरल मैपिंग के तहत कानपुर, कानपुर देहात व आसपास के जिलों के कलाकारों की सूची तैयार की जा रही है। इसके पीछे मकसद कानपुर की विशिष्ट संवाद वाली रामलीला को सहेजना और कलाकारों को काम दिलाना है।
कानपुर व आसपास के जिलों में संवाद शैली की अद्भुत रामलीला का मंचन होता है। यह शैली जीवित बनी रहे और इससे जुड़े कलाकारों को काम मिले इसको लेकर उनकी खोज शुरू की गई है।
रामलीला में लक्ष्मण का पात्र निभाने वाले अभिनेता डॉ. दीप कुमार शुक्ला ने बताया कि कानपुर शैली की रामलीला पर शोध चल रहा है। अयोध्या शोध संस्थान की ओर से कानपुर के रामलीला कलाकारों की खोज का जिम्मा उन्हें मिला है। इसमें कानपुर देहात भी शामिल है।
अब तक 250 से अधिक आयोजन समितियों व आठ सौ से अधिक कलाकारों का साक्षात्कार लिया जा चुका है। कानपुर की रामलीला विशिष्ट संवाद शैली के लिए विख्यात है।
वह कहते हैं कि रामायण कल्चरल मैपिंग के अंतर्गत कानपुर और आसपास के जिलों में रामलीला के कलाकारों का अभिलेखीकरण कराया जा रहा है। इसका फायदा कलाकारों को मिलेगा। रामलीला आयोजन पर उन्हें आमंत्रित किया जाएगा।
कलाकार कर सीधे कर सकते हैं संपर्क
रामलीला कलाकार सीधे डॉ. दीप कुमार शुक्ल से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए मोबाइल नंबर 8299418890 जारी किया गया है। जिला सूचना अधिकारी नरेंद्र मोहन ने बताया कि इस नंबर पर पूर्व व वर्तमान रामलीला कलाकार संपर्क कर 15 जुलाई तक अपना ब्योरा दर्ज करा सकते हैं। रामलीला कलाकारों की सूची अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग लखनऊ को भेजी जाएगी।
यहां होता रामलीला का मंचन
रामलीला विश्व स्तरीय लोक नाट्य है। भारत के अतिरिक्त नेपाल, श्री लंका, थाईलैंड, रूस, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, सूरीनाम, इंडोनेशिया, थाईलैंड, मलेशिया तथा जापान आदि देशों में रामलीला का मंचन होता है। कानपुर की विशिष्ट संवाद शैली की रामलीला मंचन से जुड़े कलाकार कानपुर देहात, कानपुर, औरैया, इटावा, जालौन, महोबा, बांदा, हमीरपुर, फतेहपुर, उन्नाव और कन्नौज में भी हैं।