कानपुर देहात। फसलों को छुट्टा मवेशी बरबाद कर रहे हैं। जबकि कान्हा गोशाला में जगह खाली है। अकबरपुर कस्बे के स्वरूपपुर गांव के किसानों की 37 बीघा बाजरा और धान की फसलों को छुट्टा मवेशी चट कर गए। किसानों की आह निकल गई। फसल देखकर आखों में आसू छलक रहे हैं। किसानों का कहना है कि छुट्टा मवेशियों के नाम पर महज कागजों में खेल चल रहा है।
अकबरपुर कस्बे के स्वरूपपुर गांव निवासी रामसिंह ने बताया कि बाजरा की उसकी सात बीघा फसल, संतोष चौधरी की चार बीघा, राजकिशोर भारती की 12 बीघा, पच्चू, रामऔतार, भूरा, छक्कीलाल, सती प्रसाद, ठाकुर प्रसाद, राजाराम, परशुराम, पंकज की आठ बीघा, सतेंद्र कुमार, कृपाल सिंह, जीतेंद्र, सतीश की डेढ़-डेढ़ बीघा और धान रामू की डेढ़ बीघा धान की फसल छुट्टा मवेशी चट कर गए। इससे किसानों की यह फसल साफ हो गई। लागत तक नहीं निकली। बलकट और बटाईदारों के सामने भी विषम समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
किसानों ने बताया कि वह क्या करें अब उनके सामने कोई चारा नहीं बचा। फसल रखने के लिए रात दिन जागना पड़ता है। आवश्यक कार्य पड़ जाने पर जरा सी चुक हो गई तो छुट्टा मवेशियों ने फसल चौपट कर दी। परिवार की आवश्यकताएं, बच्चों की पढ़ाई से सभी खर्चे फसल पर ही आधारित होते हैं। मवेशियों के लिए बताया जाता है कि इतने गोआश्रय स्थल खोले गए। छुट्टा मवेशियों की कमी नहीं होती है। अधिकारी देख कर निकल जाते हैं कोई ध्यान नहीं देते कि उनको पकड़वा कर गोआश्रय व कान्हा गोशाला में नहीं ले जाया जाता।
अकबरपुर के कान्हा गोशाला में मवेशी रखने की क्षमता 400 हैं। उसमें बंद मवेशियों की संख्या 212 ही है। मवेशी खेतों व रोड पर घूम रहे हैं। नगरपंचयात की ईओ देवहुति पांडेय ने बताया कि कान्हा गोशाला का कुछ हिस्सा निर्माणाधीन है इसलिए सभी 400 मवेशी नहीं रखे जा सकते हैं। निर्माण पूरा हो जाने के बाद छुट्टा मवेशियों को पकड़वा कर कान्हा गोशाला में बंद कराया जाएगा।