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हंगामे के बाद खाली कराया गया चबूतरा, किसानों ने रखा धान

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ींझक मंडी समिति में खुले में रखा धान। - फोटो : AKBARPUR
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झींझक (कानपुर देहात)। शुक्रवार को किसानों के हंगामे के बाद शनिवार को मंडी समिति सचिव ने आढ़ती से नीलामी चबूतरा खाली करा दिया है। अब चबूतरे पर किसानों का धान रखा गया है। कुछ किसानों का धान अभी भी खुले में रखा है।
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झींझक मंडी समिति में धान खरीद की तौल व रखने के लिए नीलामी चबूतरा संख्या दो है। चबूतरे में मंडी के ही एक आढ़ती ने अपना धान जमा कर रखा था। इस कारण किसान अपना धान नहीं रख पा रहे थे। एक हजार कुंटल धान खुले में जमा था। शुक्रवार को हुई बारिश में किसानों का धान भीग गया था। इस पर किसानों ने खरीद केंद्र पर हंगामा काटते हुए अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की थी। खमहैला के किसान गोविंद नारायण, ओम प्रकाश, झींझक के संतोष तिवारी, अनिल तिवारी ने आरोप लगाया था कि नीलामी चबूतरा में धान रखने की जगह नहीं मिली। इस कारण मजबूरन खुले में धान जमा किया था। मंडी सचिव सुधीर सिंह ने आढ़ती को नोटिस जारी कर तत्काल चबूतरा खाली करने की चेतावनी दी थी।
इस पर आढ़ती ने नीलामी चबूतरे पर रखी धान की बोरियों को हटा लिया। खरीद केंद्र प्रभारी अनिल यादव ने बताया कि खाली चबूतरे पर किसानों ने अपना धान जमाकर दिया है। कुछ किसानों का धान खुले में रखा है। उसकी भी तौल कराकर सुरक्षित रखवाया जाएगा। वहीं प्रभारी मंडी सचिव सुधीर सिंह ने बताया कि खरीद केंद्र के नीलामी चबूतरा पर रखे आढ़ती के अनाज के बोरे हटवा दिए गए है। उसे दूसरे स्थान पर रखवाया गया है।
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