नहाते वक्त योगेंद्र गड्ढे में डूब गया। भाई-बहन के चिल्लाने पर राहगीर जुट गए। लोगों ने जब तक गड्ढे से योगेंद्र को बाहर निकाला तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। योगेंद्र की मौत की खबर पाकर चौकी प्रभारी विकल्प चतुर्वेदी भी मौके पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।
थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह ने बताया कि सड़क किनारे बने गड्ढे में भरे पानी में डूबकर किशोर की जान गई है। परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, योगेंद्र की मौत से मां मंजू देवी, बहन प्रिया, भाई कुंवर सिंह, अभि व अनुराग का रोकर बुरा हाल रहा।
मौके पर गया था। बारिश का पानी गड्ढे में भर गया है। इसी में डूबकर किशोर की मौत हुई है। रविवार को टीम लगाकर गड्ढे में भरे पानी को नाला खुदवाकर निकलवाया जाएगा। -मनोज कुमार रावत, नायब तहसीलदार, मैथा
निर्माण के बाद सड़क और फुटपाथ की देखरेख विभाग करता है। अगर मिट्टी खोदने या किसी और वजह से सड़क के किनारे गड्ढा हो जाए, तो उसे भरने की जिम्मेदार ग्राम पंचायत अथवा अन्य संबंधित विभाग की होती है। -आरके राय, एई, लोकनिर्माण विभाग खंड एक