फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर देहात : खेल मैदान पर नगर पंचायत बाबू समेत 24 ने बनाई इमारतें, डीएम बोले - जांच कराकर होगी कार्रवाई

विज्ञापन
खेल के मैदान पर बने मकान। संवाद - फोटो : AKBARPUR
विज्ञापन
कानपुर देहात। सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के प्रति सरकार का रुख सख्त है। वहीं, जिले की सिकंदरा नगर पंचायत में तो बाबू ने ही बड़ा खेल कर दिया। खेल के मैदान में खुद तो भवन बनाया ही 23 अन्य लोगों को भी कब्जा करा दिया।
विज्ञापन

सभी ने मकान बनवा लिए हैं। कुछ इनका व्यवसायिक इस्तेमाल भी कर रहे हैं। कस्बे की एक महिला ने आरटीआई से सूचना मांगी तो इसका खुलासा हुआ। अब डीएम ने अवैध कब्जेदारों पर कार्रवाई की बात कही है।
वर्ष 2017 में भाजपा सरकार आई तो सबसे पहले सरकारी जमीनों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का अभियान शुरू हुआ। इसमें तालाब, खेल का मैदान, खलिहान व ग्राम सभा की जमीनों पर कब्जा कर इस्तेमाल करने वालों पर भू-माफिया की कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
विज्ञापन

इसके तहत जिले में शुरुआती दौर में तो पांच लोगों पर ये कार्रवाई की गई लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब दोबारा सरकार बनने पर फिर से अवैध कब्जेदारों की सूची मांगी जा रही है।
वहीं, इस बीच कस्बे की सुमनलता ने अधिशासी अधिकारी सिकंदरा से आरटीआई के तहत गाटा संख्या 1062 व 1065 के बाबत जानकारी मांगी। नगर पंचायत ने लेखपाल को पत्र लिखने के साथ टीम गठित कर पैमाइश कराई।
इसके बाद दी गई जानकारी में जो खुलासा हुआ वह चौंकाने वाला रहा। गाटा संख्या 1065 में 0.492 हेक्टयेर जमीन में 0.10 हेक्टयेर पर संक्रमणीय भूमिधर बतौर सहखातेदार के नाम दर्ज है। जबकि 0.482 हेक्टेयर जमीन में खेल के मैदान व पार्क के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है।
जांच में खुलासा हुआ कि इस जमीन में नगर पंचायत के लिपिक विनोद कुमार शुक्ला समेत 24 लोगों ने इमारतें बनाकर खड़ी कर ली हैं। इन इमारतों का आवासीय व व्यवसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है।
पार्क व खेल के मैदान में कब्जे की शिकायत कई बार हुई पर जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब फिर कस्बे के श्याम कुमार ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर जांच कराने की मांग की है।
मामला जानकारी में आया है। जांच कराई जाएगी। अवैध कब्जेदारों के खिलाफ अभियान चलाकर जमीन खाली कराई जाएगी। अगर कब्जेदार भूमाफिया की श्रेणी में है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। लिपिक की भूमिका की अलग से जांच कराई जाएगी। - जितेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें