कानपुर देहात। अंतरजनपदीय स्थानांतरण से आए सहायक अध्यापकों को स्कूल आवंटित करने के लिए अकबरपुर बीआरसी में बुधवार को काउंसिलिंग कराई गई। पहले निशक्त शिक्षकों को मौका दिया गया। शाम तक दिव्यांग 18 महिला शिक्षकों को स्कूल आवंटित किए गए।
इसके बाद दिव्यांग पुरुष शिक्षकों की काउंसिलिंग हुई। इसमें छह शिक्षकों को स्कूल आवंटन किया गया। रात आठ बजे तक काउंसिलिंग चली। सभी 144 शिक्षकों को स्कूल आवंटित कर दिए गए। इस दौरान एक शिक्षक अनुपस्थित रहे।
शिक्षकों को स्कूल आवंटित करने के लिए अकबरपुर बीआरसी में जिला स्तरीय कमेटी की मौजूदगी में बुधवार को काउंसिलिंग कराई गई। प्रदेश मुख्यालय से जारी सूची और एनआईसी के पोर्टल पर खोले गए विद्यालयों के आधार पर काउंसिलिंग हुई।
हालांकि पोर्टल पर रिक्ति वाले विद्यालयों की सूची देरी से अपलोड हुई तो दोपहर करीब 12 बजे काउंसिलिंग की शुरुआत हो सकी। पोर्टल पर सूची अपलोड होने के बाद सर्वप्रथम 18 दिव्यांग महिला शिक्षकों को स्कूल आंवटन की प्रक्रिया की गई।
उसके बाद छह दिव्यांग पुरुष शिक्षकों को वरीयता देते हुए विद्यालय आवंटन किया गया। रात में आठ बजे काउंसिलिंग पूरी हुई। बीएसए रिद्धि पांडेय ने बताया कि अंतरजनपदीय तबादले पर आए 144 शिक्षकों को विद्यालय आवंटन हो गया है।
काउंसिलिंग के दौरान डायट प्राचार्य देवेंद्र स्वरूप सचान, विपिन कुमार, राम मनोहर मिश्रा, बीईओ अजब सिंह, एसआरजी अनंत त्रिवेदी, कार्यालय कर्मी प्रदीप सिंह, रामकृपाल सिंह, हेमंत, डीसी देशवीर सिंह, विनय विश्वकर्मा, राजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
हाईवे किनारे वाले विद्यालयों की लोकेशन जानने की रही उत्सुकता
पोर्टल पर रिक्त विद्यालयों की सूची जारी की गई तो मुख्यालय के पास और हाईवे के किनारे वाले विद्यालयों की लोकेशन आदि जानने के लिए शिक्षक अधिक उत्सुक रहे। दरअसल आसान पहुंच वाले विद्यालयों में सभी शिक्षक तैनाती चाहते हैं। जबकि दूर दराज के स्कूल में तैनाती न हो इसके लिए शिक्षक अधिक परेशान दिखे।