कानपुर देहात। कौशल विकास मिशन अंतर्गत प्रशिक्षण देने वाले संस्थानों ने लाभार्थियों को न तो प्रशिक्षण दिया और न ही अधिकारियों की बैठकों में उपस्थित हुए। ऐसे 12 संस्थानों को ब्लैक लिस्टेट करने की संस्तुति सीडीओ ने मिशन निदेशक से की है। इससे संस्थान संचालकों में हड़कंप मचा है।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन अंतर्गत जिले के कई निजी प्रशिक्षण प्रदाताओं को वित्तीय वर्ष 2020-21 में 36 माह का विभिन्न ट्रेडों में युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य आवंटित किया गया था। संस्थानों की ओर से लापरवाही करते हुए प्रशिक्षण कार्य शुरू नहीं कराया गया।
पूर्व में डीएम व सीडीओ की अध्यक्षता वाली बैठकों से भी प्रशिक्षण संस्थानों के अधिकारी नदारद रहे। पिछले साल 29 अक्तूबर को बैठक में डीएम ने संस्थान संचालकों को हरहाल में सात नवंबर तक प्रशिक्षण शुरू कराने के निर्देश दिए, लेकिन आदेश का पालन नहीं किया गया।
सीडीओ सौम्या पांडेय ने बताया कि डीडीयू-जेकेवाई योजना अंतर्गत सात व यूपीएसडीएम योजना अंतर्गत पांच प्रशिक्षण संस्थानों ने निर्देशों के बावजूद प्रशिक्षण शुरू नहीं कराया। इस पर सभी 12 संस्थानों को ब्लैक लिस्टेट करने की संस्तुति प्रदेश के कौशल विकास मिशन निदेशक से की गई है।
इन संस्थानों को ब्लैक लिस्टेट करने की संस्तुति
ऑल इंडिया सोसायटी फॉर एजूकेशन
गौतम बुद्ध एजूकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट
सम स्किल डेवलपमेंट एंड आईटी सॉल्यूशन पाइवेट लिमिटेड
श्रीराधा-कृष्ण इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड।
टयको हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड
उत्कर्ष एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड
वीएमए व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड
फ्यूचर शार्प स्किल लिमिटेड
रघुवीर महिला एवं बाल जन कल्याण समिति
ओम श्री सांई मानव सेवा संस्थान
सोसॉयटी फॉर एजेकेशन एंड वेलफेयर एक्शन
यूनिक एजूकेशनल सोसायटी