कानपुर देहात। राजपुर में शोहदे से तंग आकर जहर खाने वाली छात्रा के नाबालिग भाई पर गुंडाएक्ट लगाकर पुलिस अब पूरी तरह से घिर गई है। स्कूलों के अभिलेख में छात्र की जन्म तिथि जून 2006 दर्ज है। वह इस समय कस्बे के ही एक स्कूल में 11वीं का छात्र है।
पुलिस ने उसकी मनमाने ढंग से बीट रिपोर्ट दर्ज कर 110 जी की कार्रवाई कर दी। उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार निराश है।
एक गांव में दो अप्रैल को शोहदे की हरकत से तंग आकर छात्रा ने जहर खा लिया था। परिजनों का आरोप है कि छह माह पहले छात्रा से छेड़छाड़ की रिपोर्ट में आरोपी से समझौता करने के लिए एसओ कपिल दुबे दबाव बना रहे थे।
बात न मानने पर 26 जनवरी को छात्रा के नाबालिग भाई (हाईस्कूल के छात्र) पर मिनी गुंडाएक्ट 110 जी की कार्रवाई की थी। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से लेकर मानवाधिकार आयोग तक सभी से शिकायत की है।
छात्र पर पुलिस ने 110 की कार्रवाई करने से पहले मनमानी बीट रिपोर्ट भी दर्ज कराई। उसे दबंग व क्षेत्र में आतंक दिखाया गया है। आखिर 11वीं का छात्र इतना बड़ा अपराधी कैसे हो सकता है कि उसका क्षेत्र में आतंक कायम है।
शिकायत के पांच दिन बीतने के बाद भी अफसर कोई कार्रवाई करने से बच रहे हैं। पुलिस ने शनिवार को राजपुर के एनएस आदर्श विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में जाकर छानबीन की। कालेज के प्रधानाचार्य सर्वेंद्र सिंह ने बताया कि छात्र के बाबत पुलिस ने जानकारी मांगी थी, जो उपलब्ध करा दी गई है।
वह कक्षा छह से लगातार उनके स्कूल में पढ़ रहा है। इस समय 11वीं का छात्र है। उसकी जन्मतिथि 11 जून 2006 है। एएसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि राजपुर एसओ की लापरवाही उजागर हुई है। मामले में जल्द ही कार्रवाई होगी।