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कानपुर डिग्रीकांड: गजट में जिक्र नहीं तो पोर्टल पर कैसे आई डिग्री? SIT की जांच में यूनिवर्सिटीज ने झाड़ा पल्ला

Fri, 27 Feb 2026 10:51 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर में फर्जी डिग्री कांड की जांच कर रही एसआईटी को फरीदाबाद और हापुड़ की यूनिवर्सिटीज ने डिग्रियां जारी करने से इनकार किया है। गैंग का एक सदस्य यूनिवर्सिटी का पूर्व मार्केटिंग कर्मी निकला, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है।
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मार्कशीट मामले में पकड़े गए आरोपी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में डिग्री की खरीद फरोख्त की जांच में कई जानकारी सामने आई हैं। शैलेंद्र कुमार ओझा और उसके साथियों की बेची डिग्री ऑनलाइन तो दिख रहीं थीं। लेकिन एसआईटी के सदस्यों ने जब फरीदाबाद, हापुड़ और फिरोजाबाद की तीन यूनिवर्सिटी जाकर पड़ताल की, तो गजट में इनका कोई जिक्र नहीं मिला। वहां के यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने अपनी डिग्री होने से इन्कार कर दिया है।

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संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय संकल्प शर्मा ने बताया कि एसआईटी की पांच टीमें मंगलवार को फरीदाबाद की लिंग्या, हापुड़ की मोनाड, अलीगढ़ की मंगलायतन, सहारनपुर की ग्लोकल और फिरोजाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी में जांच करने पहुंची थीं। लिंग्या और मोनाड यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने डिग्रियां अपने यहां की होने से इन्कार कर दिया था।

यूनिवर्सिटी के लिए करता था मार्केटिंग का काम
किदवईनगर पुलिस को आरोपियों के कार्यालय से लिंग्या की 100, मोनाड की तीन और फिरोजाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी की 11 डिग्रियां मिलीं थीं। इन्हें संस्थानों ने जारी करने से इंकार किया है। वहीं, मंगलायतन यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने आरोपियों में शामिल और फरार चल रहे विनीत के बारे में एसआईटी को अहम जानकारी दी। बताया कि वह गाजियाबाद का रहने वाला है और पहले यूनिवर्सिटी के लिए मार्केटिंग का काम करता था। इसके बाद पुलिस उसके बारे में डाटा जुटाने में लग गई है।

यह था पूरा मामला
किदवईनगर पुलिस ने 18 फरवरी को जूही गोशाला स्थित शैल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में छापा मारा था। उन्हें नौ राज्यों के 14, नामी विश्वविद्यालयों की 1000 से ज्यादा डिग्री, मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट बरामद हुए थे। यहां सर्वाधिक 357 डिग्री कानपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय की बरामद हुईं थीं। सभी की खास बात यह थी कि वह ऑनलाइन जांच में भी दिखाई दे रहीं थीं।

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पांच आरोपियों की अभी भी तलाश
यहां माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट व प्रमाण पत्र भी मिले थे। पुलिस ने मौके से सरगना शैलेंद्र कुमार ओझा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि पांच आरोपियों की अभी भी तलाश है। आरोपी 50 हजार रुपये में हाईस्कूल की मार्कशीट और 1.5 लाख रुपये में बीटेक की डिग्री दे रहे थे।

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