जिन वरिष्ठ नागरिकों की आय कर योग्य सीमा से कम है, उन्हें टीडीएस कटौती से बचाव के लिए बैंक में स्व-घोषणा पत्र देना होता है। इसके लिए फॉर्म 15 जी और 15 एच दाखिल करना होता है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने फॉर्म जमा करने की वैधता को 30 जून 2020 तक के लिए बढ़ा दिया है।
कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज यूनियन के सचिव राजेंद्र अवस्थी बताते हैं कि कोरोना महामारी के दौर में बैंकों में भीड़ न लगे इसके लिए कई बैंकों ने ये दोनों फार्म ऑनलाइन स्वीकार करना शुरू कर दिया है। देश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के मद्देनजर यह निर्णय तीन मई तक देशव्यापी तालाबंदी के लिए लिया गया था।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छोटे करदाताओं की कठिनाइयों को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए ये फॉर्म 30 जून तक मान्य होंगे। आम तौर पर ये फार्म 30 अप्रैल तक जमा किए जाते हैं।
जब वित्तीय वर्ष में ब्याज से आय एक निश्चित सीमा को पार कर जाती है तो बैंकों को टीडीएस (स्रोत पर कर में कटौती) काटना अनिवार्य होता है। भारतीय स्टेट बैंक के खाताधारक इंटरनेट बैंकिंग के जरिये खाते को लॉगइन करके ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं।