भीषण गर्मी में मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। घाटों और कब्रिस्तानों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार रविवार को जिले में 238 शवों का अंतिम संस्कार हुआ। घाटों पर चिताएं रखने के लिए जगह कम पड़ जा रही है। टिनशेड के नीचे जगह न मिलने पर खुली धूप में गंगा किनारे शवों को जलाया जा रहा है। शनिवार को भी ऐसे ही मंजर देखने को मिले थे। इस दिन 180 शवों का अंतिम संस्कार हुआ था। भैरोघाट और भगवतदास घाट में पंडों, कर्मियों की शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई।
भैरोघाट विद्युत शवदाह गृह की दूसरी भट्ठी भी चालू, दोनों शवदाह गृहों में 21 अंतिम संस्कार
रविवार को नगर निगम ने भैरोघाट विद्युत शवदाह गृह की दूसरी भट्ठी में भी अंतिम संस्कार शुरू कराए। पहले दिन इसमें छह शव जलाए गए। यह भट्ठी नौ महीने से खराब थी। इसी शवदाह गृह की दूसरी भट्ठी में सात शवों के अंतिम संस्कार हुए। इसी तरह भगवतदास घाट विद्युत शवदाह गृह में आठ शवों का अंतिम संस्कार हुआ।
कहां-कितने अंतिम संस्कार
भैरोघाट - 40
भगवतदास घाट - 12
भैरोघाट विद्युत शवदाह गृह - 13
भगवतदास घाट विद्युत शवदाह गृह - 8
सिद्धनाथ घाट - 9
स्वर्गाश्रम - 7
बिठूर - 21
ड्योढ़ी घाट - 21
नजफगढ़ घाट - 3
नागापुर घाट - 2
चौबेपुर, बंदीमाता, गंगाघाट - 14
खेरेश्वर घाट - 16
नानामऊ बिल्हौर-10
आंकिन घाट बिल्हौर - 02
आठ कब्रिस्तान - 60