पोस्टमार्टम हाउस में रोती बिलखती किरन की मां दुर्गावती व ताई कमला
- फोटो : amar ujala
कानपुर जेल में हत्या के केस में बंद एक महिला बंदी की रविवार सुबह मौत हो गई। वह पिछले एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती थी। कई बीमारी से जूझ रही थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पीएम रिपोर्ट से हत्या की वजह स्पष्ट होगी।
पनकी में 26 मार्च की रात ओईएफ कर्मी के बेटे धीरज गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्याकांड में किरन(22) और सोनू को जेल भेजा था। पुलिस की जांच में सामने आया था कि किरन ने धीरज को बुलाया और सोनू ने अपने साथियों संग मिलकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के पीछे आशनाई और वर्चश्व की लड़ाई सामने आई थी। जेल अधीक्षक आरके जायसवाल ने बताया कि किरन के पीट और रीढ़ की हड्डी में दिक्कत थी। तबीयत बिगड़ने पर 31 मई को उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
चार जून को किरन को हैलट अस्पताल में शिफ्ट किया गया। हालत में सुधार नहीं हुआ और रविवार सुबह किरन की मौत हो गई। पुलिस व जेल प्रशासन की सूचना पर उसके परिजन पहले से ही किरन की देखरेख कर रहे थे।