कानपुर में नरवल तहसील क्षेत्र के सुनहैला गांव निवासी दयाराम कोरी (48) पुत्र मोहन पिछले तीन वर्षों से तहसीलदार कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। उनकी संशोधन फाइल लगातार लंबित पड़ी हुई है। दयाराम तीन भाइयों में से एक हैं, जिनमें शिवराम और रामप्रसाद शामिल थे। रामप्रसाद की मौत हो चुकी है। दयाराम के परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं।
इनमें से एक बेटे की शादी भी हो चुकी है। पीड़ित ने बताया कि पिता मोहन जी की चार बीघे जमीन उस समय दोनों भाइयों के नाम कर दी गई थी। जब दयाराम नाबालिग थे, तब से लेकर आज तक वे खुद को बालिग साबित करने के लिए तहसील में न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ रही है।