जर्क कम करने के लिए रबड़ शीट भी नहीं लगाई
इससे निर्माण में विलंब हुआ। बाद में शासन ने निर्माण कार्य अवधि बढ़ाकर जून 2025 कर दी थी। अमर उजाला ने शनिवार को पड़ताल की तो पता चला कि पुल के सभी पिलर, स्लैब बन गए हैं। पनचक्की चौराहा और जयपुरिया स्कूल रेलवे क्रॉसिंग की ओर रैंप के लिए बनी रिटेनिंग वॉल के बीच में मिट्टी भरकर समतलीकरण कर दिया गया है। अभी तारकोल मिक्स गिट्टी की पर्त नहीं बिछाई गई है। पुल के एक्सपेंशन ज्वाइंट के बीच में जर्क कम करने के लिए रबड़ शीट भी नहीं लगाई गई है।
पुल का 95 प्रतिशत हो चुका है निर्माण
यहां पर भी तारकोल मिक्स गिट्टी की पर्त नहीं बिछी है और न ही स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। इसी तरह, सेतु निगम ने दादानगर पुल के समानांतर पुल का निर्माण जनवरी 2023 में शुरू कराया था। 54 करोड़ रुपये से 726 मीटर लंबा और साढ़े सात मीटर चौड़ा यह पुल बनवाया जा रहा है। पड़ताल करने पर पता चला कि इस पुल का 95 प्रतिशत निर्माण हो चुका है। इसमें रैंप, तारकोल मिक्स गिट्टी की पर्त, सर्विस रोड, स्ट्रीट लाइट आदि कार्य होना बाकी हैं।
जयपुरिया रेलवे क्रॉसिंग पुल और दादानगर समानांतर पुल का निर्माण अंतिम चरण में है। दोनों पुलों से जुलाई में वाहनों का आवागमन शुरू हो सकता है। -विजय कुमार सेन, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम