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Kanpur: मृतकों के नाम कनेक्शन, जिंदा सिलिंडर की लाइन में, बुकिंग के बाद नहीं पहुंच रहा DAC, एजेंसियों पर भीड़

Sat, 04 Apr 2026 10:44 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: एलपीजी गैस वितरण संघ के अध्यक्ष भारतीष मिश्रा ने बताया कि हजारों उपभोक्ताओं ने लंबे समय से न तो अपनी केवाईसी अपडेट कराई और न ही मृत्यु के बाद वारिसों के नाम मोबाइल नंबर बदलवाए। यही कारण है कि बुकिंग के बावजूद उनके पास कोड नहीं पहुंच रहा और एजेंसियों पर बेवजह भीड़ बढ़ रही है।
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चकेरी के अहिरवां में गैस के लिए लाइन में खड़े लोग - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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  • केस-वन: रावतपुर गांव निवासी छोटेलाल की मृत्यु एक वर्ष पहले हो गई थी। जब गैस किल्लत शुरू हो तो छोटे लाल के मोबाइल नंबर से गैस बुक की गई। केवाईसी अपडेट न होने से गैस बुकिंग नहीं हुई। परिजन जब एजेंसी पहुंचे, तो हकीकत पता चली। फिर नाम और मोबाइल नंबर बदलवाया, जिसके बाद गैस बुकिंग हो सकी।
  • केस-दो: विजयनगर के रहने वाले नंद लाल की मृत्यु जनवरी में हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने सिलिंडर नहीं लिया। दो सप्ताह पहले बेटे विजय कुमार ने गैस बुक कराई और डीएसी नंबर नहीं आया तो परेशान होकर एजेंसी पहुंचे। पता चला कि कनेक्शन नंबर में जो मोबाइल दर्ज है, वह बंद हो चुका है।
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गैस सिलिंडर लेने के लिए लगी लोगों की लाइन - फोटो : amar ujala
कानपुर गैस संकट के बीच एलपीजी वितरण व्यवस्था की बड़ी खामी सामने आई है। जिले में करीब 60 हजार उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर मृतक के नाम पर हैं। केवाईसी भी अपडेट न होने से गैस बुकिंग के बाद डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) नहीं पहुंच रहा। इससे उपभोक्ता एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं और कई स्थानों पर हंगामे की स्थिति बन रही है। जिले में करीब 11.20 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं।
हाल के दिनों में गैस की किल्लत के चलते बुकिंग में अचानक वृद्धि हुई और एक सप्ताह में तीन लाख से अधिक बुकिंग दर्ज की गई। गैस एजेंसियों ने बिना डीएसी के सिलिंडर देने से इन्कार कर दिया, तो उपभोक्ता एजेंसी पहुंचकर जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। इसके बाद यह पता चला कि कई कनेक्शन ऐसे हैं जिनके धारकों की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन परिजनों ने न तो केवाईसी अपडेट कराई गई और न ही मोबाइल नंबर बदला।
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जेके मंदिर मार्ग स्थित श्री भागवत गैस एजेंसी में लगी उपभोक्ताओं की लाइन - फोटो : amar ujala
एजेंसियों के बाहर लग रही है ज्यादा भीड़
करीब पांच लाख उपभोक्ताओं की केवाईसी पहले अपडेट नहीं थी। गैस संकट के बाद बीते 20 दिनों में दो लाख से अधिक लोगों ने ई-केवाईसी कराई लेकिन बड़ी संख्या में लोग अब भी दिक्कत झेल रहे हैं। एजेंसियों के बाहर इन दिनों मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। एलपीजी गैस वितरण संघ अध्यक्ष भारतीष मिश्रा ने बताया कि हजारों लोगों ने केवाईसी अपडेट या फिर मोबाइल नंबर नहीं बदलवाया था, इस कारण एजेंसियों के बाहर ज्यादा भीड़ लग रही है।
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