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Kanpur: अमेरिका में बैठे साइबर अपराधियों ने एचएएल से की थी ठगी, ऐसे ठग लिए 55 लाख रुपये

Mon, 17 Mar 2025 12:01 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

अमेरिका में बैठे साइबर अपराधियों ने एचएएल से 55 लाख रुपये ठग लिए। जिस अमेरिकी कंपनी से पार्ट्स खरीदने की बात चल रही थी, उसी कंपनी की फर्जी ई-मेल आईडी बनाई।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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लड़ाकू विमान के पार्ट्स खरीदने के नाम पर हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से 55 लाख रुपये की ठगी करने की साजिश अमेरिका में बैठे साइबर अपराधियों ने रची है। साइबर क्राइम और क्राइम ब्रांच को प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जिस अमेरिकी कंपनी (मेसर्स पीएस इंजीनियरिंग इन काॅरपोरेटेड) से पार्ट्स खरीदने की बात चल रही थी, साइबर अपराधियों ने उस कंपनी की ई-मेल आईडी में सेंध लगाकर ठगी को अंजाम दिया।
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ई-मेल का आईपी एड्रेस भी अमेरिका का सामने आया है। साइबर क्राइम और क्राइम ब्रांच के अफसरों ने एचएएल के अधिकारियाें से विचार-विमर्श कर आगे की रणनीति बनाई है। अमेरिका की उस बैंक से भी बातचीत चल रही है, जिसमें हैकर ने रुपये जमा कराए हैं। कार्रवाई के लिए वहां की कोर्ट में भी आवेदन किया जाएगा। एचएएल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट डिवीजन (टीएडी) के अपर महाप्रबंधक अशोक कुमार सिंह ने शनिवार को साइबर थाने में 55 लाख रुपये की ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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उनके मुताबिक उनकी कंपनी विभिन्न प्रकार के परिवहन वायु यान का उत्पादन, ओवरहाॅलिंग और सर्विसिंग करती है। इसके लिए पार्ट्स का आयात किया जाता है। इसमें डोर्नियर समेत अन्य लड़ाकू विमान भी शामिल हैं। कंपनी ने तीन मई 2024 को मेसर्स पीएस इंजीनियरिंग इन काॅरपोरेटेड को मेल भेजकर तीन पार्ट्स के कोटेशन का आग्रह किया था। बाद में अमेरिकी कंपनी इन पार्ट्स को भेजने को कहा था। इस बीच साइबर अपराधियों ने अमेरिकी कंपनी की ई-मेल आईडी में एस (s) की जगह ई (e) कर फर्जी ई-मेल आईडी बना डाली।

इस ई-मेल से उन्होंने एचएएल से पार्ट्स का भुगतान करने के लिए न्यूयार्क स्थित अपने खाते की डिटेल भेजकर 55 लाख रुपये जमा कराने को कहा। पैसा भेजने के बाद भी जब पार्ट्स की डिलीवरी नहीं हुई तो अफसरोें ने कंपनी से बातचीत की। तब पता चला कि अमेरिकी कंपनी के खाते में रकम ट्रांसफर ही नहीं हुई। जब एचएएल के अफसरों ने मेल आईडी और खाता संख्या कंपनी को बताई तो पता चला दोनों फर्जी हैं। रविवार को डीसीपी क्राइम आशीष श्रीवास्तव, एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा, साइबर थाने के विशेषज्ञ एचएएल पहुंचे। वहां के अधिकारियों से बातचीत की। साइबर सिस्टम की जांच कराई। वहां के विशेषज्ञों से साइबर हमले को लेकर चर्चा की।

एडीसीपी अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है। इसकी साजिश अमेरिका में रची गई है, इसकी जांच चल रही है। फिलहाल 55.13 लाख रुपये लेने के लिए जिस ई-मेल का इस्तेमाल किया गया है, उसका आईपी एड्रेस अमेरिका का निकला है। इसके लिए इंटरपोल और अमेरिकी एजेंसी की मदद ली जाएगी। लखनऊ स्थित साइबर सेल मुख्यालय से पत्राचार भी किया गया है।

 

एचएएल के अथॉरिटी अधिकारी की लापरवाही के चलते हुई ठगी
अमेरिका में बैठे साइबर ठग ने एचएएल के अथॉरिटी अधिकारी के लापरवाही का फायदा उठाते हुए ठगी को अंजाम दिया। एचएएल ने विमान से संबंधित पार्ट्स खरीदने के लिए अमेरिका की कंपनी की ई-मेल आईडी gledbetter@ps-engineering.com पर ऑर्डर संबंधी बात की थी। आशंका है कि शातिर ठगों ने अमेरिका के कंपनी के किसी कर्मचारी को अपने गिरोह में मिलाकर कंपनी से मिलती जुलती ई-मेल आईडी gledbetter@pe-enginering.com बनाई और इसी ई-मेल से एचएएल के अफसरों से बात की, लेकिन अफसरों ने ईमेल के जांचे बिना रुपये ट्रांसफर कर दिए।

 
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अमेरिका की एफआईयू को किया गया मेल
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, इंटरपोल और अमेरिका की फाइनेंशियन इंटेलीजेंस यूनिट (एफआईयू) के अधिकारियों को मेल के जरिये सूचना दी गई है। साथ ही जिस खाते में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं, उसे फ्रीज कराने के लिए भी निवेदन किया गया है।
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