सीखने की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है
इससे छात्र विषय को बेहतर तरीके से समझते हैं और लंबे समय तक उसे याद रख पाते हैं। यह भी सामने आया कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, चीन और सिंगापुर जैसे देश डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इन देशों में तकनीक का उपयोग विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुसार किया जा रहा है, जिससे सीखने की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।
विकसित कर पाएंगे बेहतर डिजिटल सामग्री
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अध्ययन का लाभ केवल शोधकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा। शिक्षक कक्षाओं को अधिक प्रभावी बना सकेंगे, वहीं शिक्षा संस्थान बेहतर डिजिटल सामग्री विकसित कर पाएंगे। इससे नीति-निर्माताओं को भी भविष्य की शिक्षा व्यवस्था तैयार करने में दिशा मिलेगी। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि नई तकनीक का उद्देश्य केवल पढ़ाई को डिजिटल बनाना नहीं।
छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
बल्कि उसे अधिक सरल, प्रभावी और उपयोगी बनाना होना चाहिए।अध्ययन के पत्राचार लेखक डॉ. विमल सिंह ने बताया कि शोध शिक्षा को अधिक छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में सफलता इस बार निर्भर करेगी कि तकनीक को विद्यार्थियों की सुविधा और सीखने की प्रक्रिया को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।