पीड़ित का कहना है कि उसने पुलिस अधीक्षक, मुख्यमंत्री, अनुसूचित जाति आयोग और जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुनवाई के दौरान कमालगंज पुलिस ने अदालत को बताया कि इसी घटना में पहले से पवनेन्द्र प्रताप सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज है, जिसमें अवनीश कुमार समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।
अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश तरुण कुमार सिंह प्रथम ने कहा कि जब एक ही घटना में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है तो दूसरे पक्ष की शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने थानाध्यक्ष कमालगंज को अवनीश कुमार की तहरीर पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर स्वतंत्र, निष्पक्ष और विधिसम्मत विवेचना सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।