फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CSJMU का शोध: नजरिया बदलने से हारेगा ‘सीजोफ्रेनिया’, 12 सप्ताह की विशेष CBT थैरेपी से मरीजों में हुआ सुधार

Fri, 22 May 2026 07:58 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: सीएसजेएमयू के क्लीनिकल साइकोलॉजी विभाग के शोध में सामने आया है कि 12 सप्ताह की कॉग्निटिव बिहेवियर थैरेपी के जरिए मरीज का नजरिया बदलकर गंभीर मनोरोग सीजोफ्रेनिया को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
विज्ञापन
सिजोफ्रेनिया (सांकेतिक) - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अगर रोगी आसपास की घटनाओं को देखने का नजरिया बदल ले तो वह मनोरोग सीजोफ्रेनिया को हरा सकता है। रोगी इस मर्ज से उबर आएगा। यह बात छत्रपति शाहूजी महाराज विवि के क्लीनिकल साइकोलॉजी विभाग के शोध में सामने आई है। यह शोध सीजोफ्रेनिया के ही रोगियों पर किया गया। रोगियों को 12 सप्ताह तक कॉग्नेटिव बिहेवियर थैरेपी दी गई। इससे उन्हें फायदा मिला।

विज्ञापन

शोध मनोरोग से संबंधित पब्मड जर्नल में प्रकाशित हुआ है। एक साल में यह शोध किया गया है। सीजोफ्रेनिया का रोगी घटनाओं को भ्रामक स्थिति में समझता है। इससे उसका रोग और जटिल होता जाता है। रोगी अगर नजरिया सुधार ले तो उसकी मन:स्थिति बदल जाएगी। शोध की अगुवा और विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि शोध में 40 रोगी शामिल गए।  इनमें 20 को कॉग्नेटिव बिहेवियर थैरेपी दी गई।

थैरेपी के बाद रोगियों की स्थिति में सुधार हुआ
वहीं, 20 का जो उपचार चल रहा था, उसे वैसे ही चलने दिया गया। थैरेपी के बाद रोगियों की स्थिति में सुधार हुआ। रोगियों की मॉनिटरिंग की गई। छह महीने के बाद भी उनमें सुधार बना रहा। रोगियों का आयु वर्ग 22 से 45 साल के बीच रहा है। इनमें पांच महिलाएं भी थीं। रोगियों को थैरेपी के दौरान उनकी बीमारी के बारे में बताया गया। समझाया गया कि उन्हें यह दिक्कत है। समझ पैदा होने के बाद उन्हें मनोविज्ञान से संबंधित शिक्षा दी गई।

चीजों को देखने का नजरिया हो जाता है नकारात्मक
बताया गया कि घटनाओं को उसी नजरिया से लें जिस तरह वे घटित हो रही हैं। इसमें भ्रांति न हो। नजरिया दुरुस्त होने के बाद उनकी तबीयत सुधर गई।  डॉ. शुक्ला का कहना है कि अक्सर मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति यह मानने के लिए तैयार ही नहीं होता है कि वह बीमार है। इससे इलाज को लेकर गंभीर नहीं होता और चिकित्सक को कोऑपरेट नहीं करता। उसे चीजों को देखने का नजरिया नकारात्मक हो जाता है। इससे समस्या और बढ़ती जाती है।
विज्ञापन

यह होता है सीजोफ्रेनिया में

  • मतिभ्रम: इसमें आवाजें आना, गंध महसूस होना जो वास्तव होती नहीं हैं।
  • भ्रम: झूठे, अतार्किक विचार जिसे वह मानने पर अड़ा रहता है।
  • अव्यवस्थित सोच और बात: व्यक्ति विषय से भटक जाता है, बेतुके शब्द बोलता है।
  • असामान्य व्यवहार: अजीबोगरीब हरकतें, उत्तेजित होना, बिना उद्देश्य घूमना।
  • रुचि की कमी: काम में उत्साह न होना, किसी चीज में खुश न होना।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें