नया तत्व इनऑर्गेनिक ऑक्साइड तैयार हुआ
इस पर वेरियम, स्ट्रोन्शियम और आयरन पर शोध किया गया। इन तत्वों को मिलाकर एक नया तत्व इनऑर्गेनिक ऑक्साइड तैयार हुआ। यह खड़िया की शक्ल का रहता है। प्रोफेसर कश्यप की अगुवाई में इनऑर्गेनिक ऑक्साइड पर किया गया मेटेरियल साइंस एंड मेटालर्जिकल विभाग का यह शोध लंदन और बर्लिन (जर्मनी) से निकलने वाले अंतरराष्ट्रीय जर्नल आयनिक्स में प्रकाशित हुआ है।
पर्दे को सिर्फ ऑक्सीजन ही पार कर पाती है
उन्होंने बताया कि इस तत्व का इस्तेमाल सिर्फ मास्क में ही नहीं बल्कि ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में भी हो सकता है, जिनमें शुद्ध ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इसका इस्तेमाल ऑक्सीजन सेंसर, पंप में भी किया जा सकता है। इसके अलावा बहुत से कार्य ऐसे होते हैं, जहां शुद्ध ऑक्सीजन ही चाहिए होती है। इस तत्व का बना पर्दा नाइट्रोजन, कार्बन, प्रदूषण के कणों और गैस को रोक देता है। इस पर्दे को सिर्फ ऑक्सीजन ही पार कर पाती है।
ऐसे करता है काम
इनऑर्गेनिक ऑक्साइड की पर्त बनाकर मास्क में लगा दी जाती है। मास्क में हीटिंग डिवाइस लगती है जो इस पर्त को सक्रिय करती है। साथ ही हवा खींचने के लिए पंप रहता है। हवा जब आती है तो ऑक्सीजन के अणु ही पर्त के उस पार जा पाते हैं। गैस और दूसरे कण रुक जाते हैं।