छठ महापर्व पर घर जाने वालों की भीड़ सोमवार शाम करीब चार बजे तक रही। बिहार, पूर्वांचल की ओर जाने वाली और दिल्ली, मुंबई रूटों से आने वाली नियमित व स्पेशल ट्रेनें फुल होकर गईं। सेंट्रल स्टेशन पर शाम पांच बजे के बाद यात्रियों का लोड कम होने पर अधिकारियों, जीआरपी और आरपीएफ ने राहत की सांस ली।
छठ महापर्व पर मंगलवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने की पूजा है। कई लोग अभी भी घर नहीं पहुंच सके हैं। सोमवार को अधिकतर ट्रेनों में भीड़ रही। सेंट्रल से गुजरने वाली ट्रेनों में पैर रखने की जगह भी नहीं थी। सीमांचल, जोगबनी, कालका मेल, वैशाली एक्सप्रेस, विक्रमशिला, पूर्वा, महानंदा, महाबोधी आदि ट्रेनें फुल होकर सेंट्रल स्टेशन पहुंची। यहां से भी यात्री इन ट्रेनों में सवार हुए। यह स्थिति करीब चार बजे तक रही। इसके बाद भीड़ कम हुई।
बसें भी फुल होकर गईं
रोडवेज बसों में भी दोपहर दो बजे तक भीड़ रही। झकरकटी बस अड्डा से गोरखपुर, बलिया, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बस्ती, वाराणसी, गाजीपुर समेत पूर्वांचल के रूटों की बसें फुल होकर गईं। हालांकि दिल्ली से आने वाली बसों में भीड़ कम रही। एआरएम पंकज कुमार ने बताया कि मांग वाले रूटों पर अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं। यह व्यवस्था 30 अक्तूबर तक लागू रहेगी।