आरटीओ कार्यालय में छापा
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सबसे पहले रिकॉर्ड रूम में फाइलें निकाल रहे चार लोगों से पूछताछ की गई। उनसे विभाग की ओर से जारी आई-कार्ड मांगा गया लेकिन वे नहीं दिखा सके। पूछताछ के बाद उन्हें पुलिस वाहन में बैठा लिया गया। इसके बाद टीम कैश बाबू विपिन कुमार के काउंटर पर पहुंची। वहां मौजूद हमीरपुर के वाहन स्वामी कामता प्रसाद ने बताया कि उसके टैंकर का चालान काटा गया था। उसे 21 हजार रुपये की रसीद दी गई जबकि उससे 26 हजार रुपये लिए गए। शिकायत के बाद टीम ने काउंटर पर रखी रसीदों और दराज में रखी नकदी का मिलान कराया। करीब तीन लाख रुपये कैश मिला लेकिन रसीदों के हिसाब से सात हजार रुपये कम थे। पूछताछ में बाबू ने बताया कि एक व्यक्ति रसीद लेकर आया था पर पुलिस को देखकर भाग गया। हालांकि अधिकारी जवाब से संतुष्ट नहीं हुए।
इन्हीं ट्रक में बैठाए गए हैं दलाल
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इसके बाद टीम चालान बाबू मधुर मिश्रा के कमरे में पहुंची। वहां एक वाहन स्वामी से उसकी चालान रसीद के बारे में जानकारी ली गई। पूछताछ में बाबू ने खुद रसीद काटने की बात कही, जबकि वाहन स्वामी ने दूसरे व्यक्ति का नाम बताया। रसीदों और नकदी के मिलान में दराज से 94 हजार रुपये अतिरिक्त मिले। रकम के बारे में कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। हालांकि एक बाबू ने इसे नीलामी की राशि बताया। इस पर एसडीएम ने नीलामी रजिस्टर मंगाकर रिकॉर्ड की जांच की। अलग-अलग जवाब से अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए।
दो बाबू समेत 11 नामजद व दो अज्ञात पर रिपोर्ट
आरटीओ दफ्तर में हुई कार्रवाई के मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई है जिसमें दो बाबू मधुर मिश्रा और विपिन कुमार समेत 13 दलाल शामिल हैं। इनमें वीरेंद्र बहादुर सिंह, सौरभ तिवारी, दिलीप कुमार सिंह, विशाल अवस्थी, रामचंद्र शुक्ला, बृजमोहन नेगी, विपिन गुप्ता, आदेश कुमार बाजपेई, मनीष गौतम, कमल धारियां और धर्मेंद्र दिवाकर के अलावा दो अज्ञात हैं। दूसरी एफआईआर वाहन स्वामी कामता प्रसाद ने दर्ज कराई है। आरोप है कि 26 हजार रुपये लेने के बावजूद बाबू ने उन्हें 21 हजार रुपये की रसीद दी गई।
सारथी भवन में ऑपरेटरों की जांच
आरटीओ कार्यालय के बाद टीम सारथी भवन पहुंची और स्क्रूटनी का काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों के काउंटरों की जांच की। उनके आधार कार्ड से पहचान का सत्यापन किया गया और पूछताछ के बाद आई-कार्ड लौटा दिए गए।
वर्जन
लगातार मिल रहीं शिकायतों को देखते हुए छापा मारा गया था। इसमें 11 दलालों को गिरफ्तार किया गया है। दो अज्ञात के अलावा दो बाबुओं के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए निदेशालय पत्र भेजा गया है। इसके साथ जांच के दौरान जिन अभिलेखों में खामियां मिली हैं उनकी जांच कर संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी। - अनुभव सिंह, एसडीएम सदर