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कानपुर कचहरी: मोबाइल में मशगूल रहते हैं SSF जवान, छह महीने में हो चुके हैं दो सुसाइड, खड़े हो रहे हैं ये सवाल

Sat, 25 Apr 2026 03:59 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर कचहरी में एसएसएफ की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त है, जहां जवान मुस्तैदी के बजाय मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। हालिया खुदकुशी और असलहा मिलने की घटनाओं के बाद अधिवक्ताओं ने सुरक्षा बढ़ाने और लापरवाही बरतने वाले जवानों पर कार्रवाई की मांग की है।
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जिला एवं सत्र न्यायालय, कानपुर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर कचहरी में गुरुवार को न्यायालय भवन से कूदकर प्रशिक्षु अधिवक्ता की खुदकुशी का मामला भले ही पारिवारिक हो लेकिन उसकी मौत का तरीका कचहरी की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रहा है। यहां सुरक्षा के लिए दो साल पहले विशेष सुरक्षा बल (एसएसएफ) की तैनाती की गई थी। ये कचहरी में निगहबानी के बजाय मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। छह महीने में न्यायालय भवन से कूदकर हुई खुदकुशी की दो घटनाओं के अलावा पिछले दिनों अदालत के बाहर वादकारी के पास से कुल्हाड़ी बरामद होना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है।

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दावा किया गया था कि एसएसएफ कर्मियों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है इनकी पैनी निगाह दूर से ही संदिग्ध व्यक्ति को पहचान लेगी।  इनके रहते न्यायालय परिसर में कोई भी व्यक्ति असलहा या प्रतिबंधित वस्तुएं लेकर नहीं जा सकेगा। किसी की भी गतिविधि संदिग्ध दिखने पर एसएसएफ कर्मी उसे रोककर पूछताछ करने के साथ ही उसके सामान की तलाशी भी ले सकेंगे लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत दिखाई देती है।

बेरोकटोक न्यायालय भवन में घूमते रहते हैं
एसएसएफ कर्मियों की तैनाती सिर्फ सुबह आने और शाम को जाने के समय न्यायिक अधिकारियों को सैल्यूट करने तक ही सीमित दिखती है। ज्यादातर कर्मी एक जगह पर ही झुंड बनाकर इकट्ठा दिखते हैं और मोबाइल में व्यस्त रहते हैं, जबकि कई लोग बेवजह बेरोकटोक न्यायालय भवन में घूमते रहते हैं। मुकदमों के चलते न्यायालय में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का आना-जाना रहता है। ऐसे में छोटी सी लापरवाही बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है।

न्यायालय भवन के चारों ओर मजबूत जालियां लगाई जानी चाहिए। खुली जगहों को दीवार से बंद किया जाना चाहिए। सुरक्षा बल के जवानों की ड्यूटी के प्रति सतर्कता जरूरी है।  -बिनय कुमार मिश्रा, महामंत्री, बार एसोसिएशन

न्यायालय भवन की हर मंजिल पर पॉइंट चिह्नित करके एसएसएफ कर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए। एसएसएफ कर्मी हर आने-जाने वाले पर नजर रखें, तो घटनाओं पर रोक लग सकती है।  -ज्ञान प्रकाश पांडे, वरिष्ठ अधिवक्ता

न्यायालय भवन की टूटी जालियां, खराब लिफ्ट को ठीक कराया जाना चाहिए। सुरक्षाकर्मियों को भी सतर्कता बरतनी चाहिए। घटनाओं को रोका भले ही न जा सके पर टाला जरूर जा सकता है।  -राजीव यादव, महामंत्री, लॉयर्स एसोसिएशन
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ड्यूटी के समय मोबाइल पर वीडियो या रील्स देखने वाले पुलिस या एसएसएफ कर्मियों को दंडित करने की व्यवस्था होनी चाहिए। एक जगह पर खड़े रहने के बजाय अगर सुरक्षा कर्मी घूमते-फिरते रहें।  -सुरेश सिंह चौहान, वरिष्ठ अधिवक्ता
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