नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों पर पुलिस कमिश्नर ने बड़ी कार्रवाई की है। गिरोह के सरगना पर रासुका की कार्रवाई की गई। एसटीएफ और पुलिस ने 15 अप्रैल को गिरोह का भंडाफोड़ कर 265 इंजेक्शन बरामद किए थे।
नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले गिरोह के सरगना पर शुक्रवार को रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) की कार्रवाई की गई। सरगना की ओर से जमानत अर्जी लगाने के बाद पुलिस ने रासुका की कार्रवाई शुरू की थी। इस पर डीएम ने मुहर लगा दी है।
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महामारी के दौर में कालाबाजारी के मामले में कानपुर में यह पहली कार्रवाई है। 15 अप्रैल को एसटीएफ और बाबूपुरवा पुलिस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था। गिरोह में सरगना हरियाणा निवासी सचिन कुमार, नौबस्ता निवासी मोहन सोनी और कानपुर देहात के प्रशांत शुक्ला को गिरफ्तार किया था।
इनके पास से 265 इंजेक्शन बरामद हुए थे। लैब की जांच में पता चला की ये इंजेक्शन नकली हैं। शासन के आदेश के अनुसार पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी सचिन के खिलाफ रासुका की संस्तुति कर फाइल जिलाधिकारी आलोक तिवारी के पास भेजी थी। शुक्रवार रात उन्होंने इस पर मुहर लगा दी।
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इस आधार पर लगाया रासुका
शासन ने निर्देश जारी कर कहा था कि जो भी दवाओं, ऑक्सीजन सिलिंडर या अन्य मेडिकल उपकरणों की कालाबाजारी करेगा, उस पर रासुका के तहत कार्रवाई होगी। मामले में शहर पुलिस ने आधार बनाया कि आरोपियों की कालाबाजारी से सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। इससे लोगों के अंदर भय पैदा हुआ है।
कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी, जो भी लोग इस तरह के मामलों में शामिल रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।- असीम अरुण, पुलिस कमिश्नर