कानपुर में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण और ऑक्सीजन के संकट के बाद लोगों को फिर से गांव ही सुरक्षित ठिकाना लग रहा है। प्रवासी कामगारों से लेकर शहरों में रह रहे अन्य लोग अपने गांव का रुख कर रहे हैं। जिन व्यवसायियों, ठेकेदारों आदि ने फार्म हाउस बना रखा है, वे परिवार के साथ वहीं चले गए हैं।
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कोई खुले स्थानों में शुद्ध हवा की तलाश कर रहा तो कोई शहरी भीड़भाड़ के खतरे से बचने को गांव को तरजीह दे रहा है। गूबा गार्डन में रहने वाले कमल शर्मा ठेकेदारी करते हैं। अपने पूरे परिवार के साथ पिछले एक सप्ताह से बिल्हौर स्थित अपने गांव औतोंहारपुर चले गए हैं।
उनका कहना है शुद्ध वातावरण की तलाश में गांव आए हैं। शहर की स्थिति काफी डरावनी है। वहीं विनायकपुर के रहने वाले इंजीनियर रामकिशोर अपनी पत्नी के साथ हरियाणा स्थित फार्म हाउस में चले गए हैं। ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने गांव पहुंचकर खुली हवा को अपना ठिकाना बना लिया है।